लाइव न्यूज़ :

'कुछ बड़े नगा नेता समाधान नहीं चाहते', भाजपा नेता के बयान पर भड़का नगा समूह, कहा- सूत्रधार की भूमिका से आगे न बढ़ें

By विशाल कुमार | Updated: May 28, 2022 10:34 IST

नागालैण्ड के उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता यानथुंगो पैटन ने कथित तौर पर कहा था कि नगा राष्ट्रवादी समूहों के कुछ "बड़े नेता" नगा मुद्दे का समाधान नहीं चाहते हैं, लेकिन कर संग्रह और जबरन वसूली हासिल करते रहना चाहते हैं।

Open in App
ठळक मुद्देपिछले हफ्ते एनपीएफ नेता कुजोलुजो नीनु ने भी शांति प्रक्रिया को लेकर बयानबाजी की थी।एनएससीएन-आईएम ने उन्हें नगा शांति प्रक्रिया में सूत्रधार के रूप में अपनी भूमिका से आगे नहीं बढ़ने के लिए कहा।

कोहिमा: नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालिम (एनएससीएन-आईएम) के इसाक-मुइवा गुट ने नागालैण्ड के उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता यानथुंगो पैटन के उस बयान पर सख्त आपत्ति दर्ज कराई है जिसमें उन्होंने कहा कि नगा राष्ट्रवादी समूहों के कुछ बड़े नेता नगा मुद्दे का समाधान नहीं चाहते हैं।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एनएससीएन-आईएम ने उन्हें नगा शांति प्रक्रिया में सूत्रधार के रूप में अपनी भूमिका से आगे नहीं बढ़ने के लिए कहा। बयान में कहा गया कि चाहे हम व्यक्ति या दल के रूप में कोई भी हों, हमें यह स्वीकार करना होगा कि नगा राजनीतिक मुद्दा दिनों-दिन अधिक संवेदनशील होता जा रहा है और कई लोगों के लिए, यह एक अत्यंत भावनात्मक अनुभव है, कम से कम कहने के लिए। यह कटु शब्दों के साथ अपमानजनक बातें किए बिना समाधान की मांग करता है।

पैटन ने कथित तौर पर कहा था कि नगा राष्ट्रवादी समूहों के कुछ "बड़े नेता" नगा मुद्दे का समाधान नहीं चाहते हैं, लेकिन कर संग्रह और जबरन वसूली हासिल करते रहना चाहते हैं।

पैटन के भाषण की एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया जिसमें उन्होंने जोर देकर कहा कि जो लोग समाधान नहीं चाहते हैं वे नरक में जा सकते हैं।

पिछले हफ्ते एनपीएफ विधायक दल के नेता कुजोलुजो नीनु ने कहा कि अब समय आ गया है कि एनएससीएन (आईएम) भारत सरकार के साथ अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर कर दे या छोड़ दे। उन्होंने कहा कि फ्रेमवर्क समझौता भारतीय संविधान के तहत किया गया है और इसलिए एकीकरण, स्वायत्तता, झंडा और संविधान की मांग को खारिज किया जाता है।

बता दें कि, एनएससीएन (आईएम) और केंद्र ने 1997 में एक शांति प्रक्रिया पर सहमत हुए और 2015 में फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर किए। हालांकि, दोनों पक्ष अभी तक एक अंतिम समझौते पर नहीं पहुंचे हैं क्योंकि एनएससीएन (आईएम) एक अलग नगा झंडा और संविधान को लेकर अडिग है।

टॅग्स :नागालैंडनागा पीपुल्स फ्रंटBJPमोदी सरकार
Open in App

संबंधित खबरें

भारतकौन थे भुवन चंद्र खंडूरी?, देहरादून में निधन

भारतसीएम डॉ. मोहन ने लिया मंत्रियों से एक-एक काम का हिसाब, जानें सरकार-संगठन के बीच क्या हुई बात?

भारतमहाराष्ट्र विधान परिषद की 16 सीट पर चुनाव, 18 जून को पड़ेंगे वोट, निर्वाचन आयोग की घोषणा, जानें मतगणना कब?

भारतBilaspur Nikay Chunav Results: कुल 11 सीट और भाजपा ने 9 और कांग्रेस ने 2 सीट पर दर्ज की जीत?

भारतManali Municipal Council Poll Results 2026: 7 में से 7 सीट पर जीत?, बीजेपी ने मनाली नगर परिषद में सत्ताधारी कांग्रेस का सूपड़ा किया साफ?

भारत अधिक खबरें

भारतFalta Assembly Constituency: 21 मई को फाल्टा में पुनर्मतदान, तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान ने उम्मीदवारी वापस ली, वीडियो

भारतशिविर में कुल 67 शिकायत, 30 दिन में करें समाधान नहीं तो 31वें दिन निलंबित?, रेफर नीति अपनाई तो सिविल सर्जन और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई?, सम्राट चौधरी ने दी चेतावनी

भारतनो वेटिंग, नो टेंशन! प्रमुख रूटों पर शुरू हुईं समर स्पेशल ट्रेनें, आज ही कराएं बुकिंग, चेक लिस्ट

भारतबाप नीतीश कुमार-बेटे निशांत को डॉक्टर की जरूरत, स्वास्थ्य मंत्रालय दिया गया?, पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन का फूटा गुस्सा, वीडियो

भारतSpecial Train: रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी! ओडिशा-UP के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन, देखें रूट और डिटेल