लाइव न्यूज़ :

Maharashtra: देश के पहले न्याय कौशल केंद्र का उद्घाटन, कहीं से ऑनलाइन याचिका, see pics

By सतीश कुमार सिंह | Updated: October 31, 2020 19:18 IST

Open in App
1 / 8
भारत के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबड़े ने नागपुर में न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण संस्थान में भारत के पहले ई-संसाधन केंद्र न्याय कौशल का उद्घाटन किया। देश भर के किसी भी उच्च न्यायालय और जिला न्यायालयों में न्याय के मामलों को ई-फिल करने की सुविधा प्रदान करेगा।
2 / 8
प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) एस ए बोबडे ने शनिवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी के चलते अदालतें डिजिटल माध्यमों से संचालित हुई, हालांकि इससे गैर इरादतन असमानता भी पैदा हुई क्योंकि कुछ लोगों की डिजिटल प्रौद्योगिकी तक पहुंच नहीं थी।
3 / 8
उन्होंने कहा कि हालांकि उन्हें इस बात को लेकर गर्व है कि देश में अदालतों का कामकाज महामारी के बीच भी जारी रहा।
4 / 8
सीजेआई ने यहां न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण संस्थान में न्याय कौशल ई रिसोर्स सेंटर और महाराष्ट्र परिवहन विभाग के लिए एक वर्चुअल अदालत के उद्घाटन के बाद यह कहा।
5 / 8
अधिकारियों ने बताया कि देश की किसी भी अदालत में मामलों की ‘ई-फाइलिंग’ के लिए न्याय कौशल केंद्र अपनी तरह के प्रथम ई संसाधन केंद्र हैं। सीजेआई ने कहा कि महामारी का प्रसार होने के बाद भी अदालतों का कामकाज जारी रहा, लेकिन न्याय तक पहुंच प्रौद्योगिकी पर निर्भर हो गई।
6 / 8
उन्होंने कहा कि इससे दो तबकों के बीच स्पष्ट अंतर पैदा हो गया, एक तबका वह जो प्रौद्योगिकी का खर्च वहन कर सकता है और दूसरा तबका वह जो इसे वहन नहीं कर सकता। इस तरह इससे गैर इरादतन असमानता पैदा हुई।
7 / 8
उन्होंने बताया, ‘‘मुझसे बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों ने कहा कि कुछ अधिवक्ताओं की यह हालत हो गई कि उन्हें सब्जी बेचने को मजबूर होना पड़ा तथा ऐसी भी खबरें आई कि कुछ अधिवक्ता अब वकालत का पेशा छोड़ देना चाहते हैं, जबकि कुछ अब जीना ही नही चाहते। ’’ सीजेआई ने कहा कि इसलिए यह जरूरी है कि प्रौद्योगिकी को हर जगह उपलब्ध कराया जाए।
8 / 8
उन्होंने कहा, ‘‘हमें अवश्य ही इन असमानताओं को हटाना होगा और इसलिए मेरा मानना है कि अब इस पर हमारा जोर होना चाहिए। ’’ अदालतों के ऑलनाइन कामकाज करने के दौरान एक अन्य समस्या पेश आने का जिक्र करते हुए प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि जूनियर वकीलों का कहना है कि पहले जब अदालतों में जाना होता था तब उन्हें काम मिल सकता था, लेकिन अदालतों के ऑनलाइन काम करने के कारण ऐसा नहीं हो सका। सीजेआई ने मोटर वाहन दुर्घटना दावों के निस्तारण के बारे में भी चिंता जताई। उनहोंने कहा कि सभी उच्च न्यायालय में लंबित करीब 30 प्रतिशत मामले मोटर दुर्घटना दावों के हैं।
टॅग्स :सुप्रीम कोर्टशरद अरविंद बोबडेनागपुरहाई कोर्टमुंबईनरेंद्र मोदी
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटके'मोदी जी आप टेंशन मत लो… हम सिर्फ नानी के घर जाते हैं', PM मोदी की अपील पर बच्ची का वीडियो वायरल

विश्वप्रधानमंत्री मोदी को मिला 32वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान?, नॉर्वे के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ से सम्मानित, वीडियो

भारतमुंबई और अहमदाबाद के बीच भारत की पहली बुलेट ट्रेन की पहली झलक सामने आई

भारतजमानत नियम और जेल अपवाद, यूएपीए मामले में भी यही नियम?, सुप्रीम कोर्ट ने हंदवाड़ा निवासी सैयद इफ्तिखार अंद्राबी को दी राहत, पासपोर्ट जमा करने और हर 15 दिन में एक बार थाने जाओ?

भारतदिल्ली बार काउंसिल चुनावः मतगणना पर रोक, प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा- न्यायालय फैसला नहीं सुनाता, तब तक मतपत्रों की गिनती स्थगित

भारत अधिक खबरें

भारत'भारत अब नक्सल-मुक्त है': अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में उग्रवाद के खात्मे की घोषणा की

भारतMadhya Pradesh: खेलते‑खेलते कार में बंद 4 साल की बच्ची की मौत, दो घंटे तक किसी ने नहीं देखा

भारतमहाराष्ट्र के पालघर में शादी के परिवार को ले जा रहे एक ट्रक की दूसरे ट्रक से टक्कर, 12 की मौत, 20 से ज़्यादा घायल

भारतरांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में महिला कैदी का किया गया यौन शोषण, हुई गर्भवती, कराया गया गर्भपात! नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

भारततख्त श्री पटना साहिब गुरुद्वारे में माथा टेकने पटना पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केन्द्र सरकार और भाजपा पर बोला तीखा हमला