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महाराष्ट्र: लोकसभा स्पीकर ने सांसद नवनीत राणा की गिरफ्तारी का ब्योरा मांगा, हनुमान चालीसा विवाद के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: April 26, 2022 07:15 IST

नवनीत राणा और उनके विधायक-पति रवि राणा को शनिवार को मुंबई में मुख्यमंत्री ठाकरे के निजी आवास ‘मातोश्री’ के बाहर ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ करने संबंधी आह्वान करने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्हें 6 मई तक 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

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ठळक मुद्देनवनीत राणा और उनके विधायक-पति रवि राणा को शनिवार को गिरफ्तार किया गया था।दंपति मुख्यमंत्री ठाकरे के निजी आवास ‘मातोश्री’ के बाहर ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ करना चाहते थे।इसके बाद उन्हें 6 मई तक 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

मुंबई: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मुंबई में अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा की गिरफ्तारी पर 24 घंटे के भीतर महाराष्ट्र सरकार से ब्योरा मांगा है। इससे दो दिन पहले राणा ने बिरला को एक पत्र लिखा था कि पुलिस द्वारा उनकी अवैध गिरफ्तारी के बाद उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया था। घटना का ब्योरा केंद्रीय गृह मंत्रालय के माध्यम से अध्यक्ष द्वारा मांगा गया है।

लोकसभा अध्यक्ष को लिखे अपने पत्र में, सांसद ने मुंबई पुलिस पर कथित तौर पर 'नीची जात' का हवाला देते हुए और जाति के आधार पर उन्हें गाली देते हुए उन्हें पीने का पानी उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया।

रविवार को भेजे गए पत्र में मुंबई पुलिस आयुक्त संजय पांडे के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है और दावा किया है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निर्देश पर उनके और उनके पति के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

नवनीत राणा और उनके विधायक-पति रवि राणा को शनिवार को मुंबई में मुख्यमंत्री ठाकरे के निजी आवास ‘मातोश्री’ के बाहर ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ करने संबंधी आह्वान करने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्हें 6 मई तक 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

दंपति ने इससे पूर्व एक कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुंबई यात्रा का हवाला देते हुए इस आह्वान को वापस ले लिया था। राणा दंपति फिलहाल अलग-अलग जेल में है।

इस बीच शिवसेना की राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने सोमवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि लोकसभा सचिवालय नवनीत राणा द्वारा प्रस्तुत कथित फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर भी संज्ञान लेगा। 

चतुर्वेदी ने ट्वीट किया, ‘‘उम्मीद है कि लोकसभा सचिवालय एक निर्दलीय सांसद के लोकसभा सांसद बने रहने पर भी संज्ञान लेगा, क्योंकि बम्बई उच्च न्यायालय ने उनके जाति प्रमाण पत्र को फर्जी, राशन कार्ड को फर्जी और स्कूल परित्याग प्रमाण पत्र को फर्जी घोषित कर दिया था।’’

(भाषा से इनपुट के साथ)

टॅग्स :महाराष्ट्रHanuman Chalisaनवनीत राणाओम बिरलाउद्धव ठाकरे सरकारUddhav Thackeray Government
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