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Iran Protest: 2570 लोगों की मौत?, ईरान छोड़ दो, अमेरिकी हमले खतरे के बीच भारत ने नागरिक को दी सलाह

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 14, 2026 20:46 IST

Iran Protest: विदेश मंत्रालय ने पांच जनवरी को जारी पिछले परामर्श में अपने नागरिकों से ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने का आग्रह किया था।

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ठळक मुद्देIran Protest: अगली सूचना तक इस्लामिक गणराज्य ईरान की यात्रा करने से बचें।Iran Protest: सावधानी बरतने और प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में जाने से बचने को कहा था। Iran Protest: मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,570 हो गई है।

नई दिल्लीः भारत ने बुधवार को ईरान में रह रहे अपने सभी नागरिकों से उपलब्ध साधनों से देश छोड़ने को कहा, क्योंकि देश में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों और प्रदर्शनकारियों पर की जा रही कार्रवाई के मद्देनजर सुरक्षा स्थिति और बिगड़ गई है। भारत ने अपने नागरिकों को ईरान की यात्रा से भी बचने की सलाह दी। ईरानी मुद्रा रियाल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरने के बाद पिछले महीने तेहरान में प्रदर्शन शुरू हुए। तब से ये प्रदर्शन सभी 31 प्रांतों में फैल चुके हैं, और आर्थिक संकट के खिलाफ आंदोलन से शुरू होकर राजनीतिक परिवर्तन की मांग में तब्दील हो गए हैं।

ईरान में भारतीय दूतावास ने एक नया परामर्श जारी करते हुए कहा, ‘‘ईरान में बदलती स्थिति के मद्देनजर ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों (छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों) को वाणिज्यिक उड़ानों सहित परिवहन के उपलब्ध साधनों का उपयोग करके देश छोड़ने की सलाह दी जाती है।’’

परामर्श में कहा गया, ‘‘यह दोहराया जाता है कि सभी भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों (पीआईओ) को उचित सावधानी बरतनी चाहिए, विरोध प्रदर्शनों या रैलियों वाले क्षेत्रों से बचना चाहिए, ईरान में भारतीय दूतावास के संपर्क में रहना चाहिए और किसी भी घटनाक्रम के लिए स्थानीय मीडिया पर नजर रखनी चाहिए।’’

विदेश मंत्रालय ने भारतीयों को ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान में मौजूदा घटनाक्रम को देखते हुए भारतीय नागरिकों को फिर से सलाह दी जाती है कि वे अगली सूचना तक इस्लामिक गणराज्य ईरान की यात्रा करने से बचें। विदेश मंत्रालय ने पांच जनवरी को जारी पिछले परामर्श में भारतीय नागरिकों से ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने का आग्रह किया था।

साथ ही, ईरान में रहने वाले भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों से सावधानी बरतने और प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में जाने से बचने को कहा था। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी (एचआरएएनए) के अनुसार, ईरान में पिछले कुछ दिनों में देशव्यापी प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,570 हो गई है।

ईरान में हो रहे प्रदर्शनों से पश्चिम एशिया में भी व्यापक तनाव पैदा हो गया है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों पर क्रूर कार्रवाई के खिलाफ तेहरान को चेतावनी दी है। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ‘‘मदद पहुंचने वाली है।’’

ईरान के प्रधान न्यायाधीश ने सरकार विरोधी राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ त्वरित सुनवाई और फांसी की सजा का संकेत दिया है। वहीं, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कहा कि मृतकों की संख्या बढ़कर 2,570 के पार हो गई है। ईरान के उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश गुलामहुसैन मोहसेनी-एजेई ने मंगलवार को एक वीडियो में, मुकदमे चलाये जाने और फांसी की सजा के बारे में टिप्पणी की। हालांकि, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि मृत्युदंड दिये जाने की स्थिति में वह ‘‘बहुत कड़ी कार्रवाई’’ करेंगे।

इस बीच, अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी’ ने बताया कि कम से कम 2,571 लोगों की मौत हो गई है। यह आंकड़ा दशकों में ईरान में हुए किसी भी विरोध प्रदर्शन या अशांति में हुई मौतों की संख्या से कहीं अधिक है और देश की 1979 की इस्लामी क्रांति के दौरान फैली अराजकता की याद दिलाता है।

मृतकों की संख्या की जानकारी मिलने के बाद, ट्रंप ने ईरान के नेताओं को चेतावनी दी कि वह किसी भी प्रकार की बातचीत समाप्त कर रहे हैं और ‘‘कार्रवाई करेंगे।’’ ईरान के प्रधान न्यायाधीश एजेई ने कहा, ‘‘अगर हमें कोई काम करना है, तो हमें उसे अभी करना चाहिए। अगर हम कुछ करना चाहते हैं, तो हमें उसे जल्दी करना होगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर इसमें दो महीने या तीन महीने की देरी होती है तो इसका उतना असर नहीं पड़ेगा। अगर हम कुछ करना चाहते हैं, तो हमें उसे तुरंत करना होगा।’’ उनकी टिप्पणियां ट्रंप के लिए एक सीधी चुनौती हैं, जिन्होंने मंगलवार को प्रसारित सीबीएस के साथ एक साक्षात्कार में ईरान को फांसी की सजा देने के खिलाफ चेतावनी दी थी।

ट्रंप ने कहा, "हम कड़ी कार्रवाई करेंगे। अगर वे ऐसा कुछ करते हैं, तो हम कड़ी कार्रवाई करेंगे।" एक अरब खाड़ी देश के राजनयिक ने ‘एपी’ को बताया कि मध्य पूर्व की प्रमुख सरकारें ट्रंप प्रशासन को ईरान के साथ अभी युद्ध शुरू करने से हतोत्साहित कर रही हैं, क्योंकि उन्हें क्षेत्र के लिए "अभूतपूर्व परिणामों" का डर है और इसके एक "पूर्ण युद्ध" में तब्दील होने की आशंका है।

इस बीच, बुधवार को ईरान में प्रदर्शनों में मारे गए सुरक्षा बलों के लगभग 100 सदस्यों की सामूहिक तदफीन (दफन) की गई, जबकि अधिकारियों ने पहले कहा था कि यह संख्या 300 होगी। हजारों की संख्या में शोक संतप्त लोग ईरानी झंडे और अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीरें लेकर जनाजों में शामिल हुए। अन्य जगहों पर लोग सड़कों पर भयभीत रहे।

सादे कपड़ों में सुरक्षा बल अब भी कुछ इलाकों में गश्त कर रहे हैं। हालांकि लगता है कि दंगा-रोधी पुलिस और अर्धसैनिक रेवोल्यूशनरी गार्ड के स्वयंसेवी बासिज बल के सदस्यों को उनकी बैरकों में वापस भेज दिया गया है। फल और सब्जियां खरीदने आई दो बच्चों की एक मां ने बुधवार को कहा, "गोलीबारी की आवाज़ों और विरोध प्रदर्शनों से हम बहुत डरे हुए हैं।" उन्होंने कहा, “हमने सुना है कि कई लोग मारे गए हैं और कई घायल हुए हैं। अब शांति बहाल हो गई है लेकिन स्कूल बंद हैं और मुझे अपने बच्चों को दोबारा स्कूल भेजने में डर लग रहा है।” ‘

ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी’ ने बताया कि मृतकों में से 2,403 प्रदर्शनकारी थे और 147 सरकार से जुड़े हुए थे। एजेंसी के अनुसार, बारह बच्चे मारे गए, साथ ही नौ ऐसे नागरिक भी मारे गए जो प्रदर्शन में भाग नहीं ले रहे थे। एजेंसी ने बताया कि 18,100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

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