हैदराबादः तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में पतंग की डोर से गला कट जाने के कारण उत्तर प्रदेश के एक मजदूर की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकरी दी। पुलिस ने बताया कि पीड़ित सब्जी खरीदने के लिए फसलवाड़ी गांव में दोपहिया वाहन से जा रहा था, तभी यह घटना घटी। 38 वर्षीय पीड़ित खेतों में काम करता था। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि पतंग की डोर ‘चीनी मांझा’ (सिंथेटिक/नायलॉन) नहीं थी। पुलिस अधीक्षक (एसपी) परितोष पंकज ने कहा, ‘‘प्रथम दृष्टया यह ‘चीनी मांझा’ प्रतीत नहीं होता है।
हालांकि, हम विशेषज्ञों की राय लेंगे और वैज्ञानिक रूप से जांच करेंगे।’’ पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि खबरों के मुताबिक, पतंग की डोर उस व्यक्ति की गर्दन में उलझ गई, जिससे गहरा घाव हो गया और खून बहने लगा। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
पिछले कुछ दिनों में शहर में हुई अलग-अलग घटनाओं में पतंग की डोर से गला कटने के कारण एक पुलिस अधिकारी सहित दो व्यक्ति घायल हो गए। संक्रांति त्योहार से पहले, हैदराबाद शहर पुलिस ने प्रतिबंधित ‘चीनी मांझे’ की बिक्री, भंडारण और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए प्रवर्तन अभियान तेज कर दिया है। पिछले एक महीने में पुलिस ने 100 से अधिक मामले दर्ज किए हैं, प्रतिबंधित वस्तु को जब्त किया है और इसकी बिक्री में शामिल लोगों को गिरफ्तार किया है।
कर्नाटक के बीदर में पतंग के मांझे से गला कटने से एक व्यक्ति की मौत
बेंगलुरु में पतंग की डोर (मांझे) से गला कटने से एक व्यक्ति की बुधवार को मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। मृतक की पहचान संजीव कुमार होसमानी (48) के रूप में हुई, जो बीदर तालुक के बंबुलगी गांव का निवासी था। पुलिस के अनुसार, चिटगुप्पा में कांच का लेप चढ़ा मांझा मोटरसाइकिल चला रहे होसमानी के गले में उलझ गया।
मांझे से उसका गला कट गया, जिससे वह सड़क पर गिर गया। बहुत अधिक खून बहने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि होसमानी संक्रांति त्योहार के लिए अपनी बेटी को छात्रावास से घर लाने के लिए हुमनाबाद जा रहा था। इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है।