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Jammu-Kashmir: ईद की तैयारियों को लेकर सरकार और नॉन-वेज डीलरों में मतभेद

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: May 14, 2026 09:33 IST

Jammu-Kashmir: जैसे-जैसे ईद-उल-अजहा करीब आ रही है, सरकार पर्याप्त स्टाक और तैयारियों का दावा कर रही है, लेकिन पहले उठाई गई चिंताओं और मांगों को लेकर सवाल अभी भी बने हुए हैं।

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Jammu-Kashmir:  ईद-उल-अजहा से पहले, सरकार के आश्वासनों और जमीनी हकीकत के बीच एक मतभेद सामने आया है। प्रशासन का दावा है कि उनके पास पर्याप्त स्टाक है और उन्होंने पहले से ही पूरी तैयारी कर ली है, जबकि मटन डीलरों का आरोप है कि उन्हें इस मामले से जुड़े लोगों के साथ होने वाली बैठकों से बाहर रखा गया है और पंजाब से पशुओं के परिवहन का मुद्दा अभी भी अनसुलझा है।

कश्मीर के मटन डीलरों का कहना है कि जमीनी हकीकत सरकारी दावों से बिल्कुल अलग है। उनका आरोप है कि ईद-उल-अजहा से पहले इस मामले से जुड़े लोगों को विश्वास में नहीं लिया गया है।

वे कहते थे कि ईद से पहले होने वाली कोई भी औपचारिक बैठक अभी तक नहीं हुई है, जिसके चलते व्यापारियों को आपूर्ति की योजना, कीमतों के निर्धारण और पशुओं के प्रबंधन की रणनीतियों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है।

कश्मीर मटन डीलर्स एसोसिएशन के महासचिव मेराज-उद-दीन ने पत्रकारों से बात करते हुए, पंजाब के अधिकारियों को पशुओं के परिवहन के संबंध में महीनों पहले भेजे गए पत्रों की स्थिति पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इस बारे में संबंधित लोगों के साथ कोई भी नई जानकारी साझा नहीं की गई है।

उनका कहना था कि पंजाब को भेजे गए उन पत्रों का क्या हुआ? क्या उनकी तरफ से कोई जवाब आया है? हमें किसी भी चीज के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है।" मेहराज-उद-दीन ने कहा कि इस साल ईद से पहले होने वाली स्टेकहोल्डर मीटिंग्स अभी तक नहीं हुई हैं, और मटन डीलरों के साथ कोई औपचारिक बातचीत भी नहीं हुई है।वे कहते थे कि पंजाब से पशुओं की आवाजाही से जुड़े मुद्दे—जिनमें देरी और रुकावटें शामिल हैं—बार-बार शिकायतें करने के बावजूद अभी भी अनसुलझे हैं।

उनका कहना था कि जम्‍मू कश्‍मीर प्रशासन का कहना है कि उन्होंने पंजाब को तीन बार लिखा है, जबकि हमें उनकी तरफ से कोई जवाब या अपडेट नहीं मिला है। जैसे-जैसे ईद-उल-अजहा करीब आ रही है, सरकार पर्याप्त स्टाक और तैयारियों का दावा कर रही है, लेकिन पहले उठाई गई चिंताओं और मांगों को लेकर सवाल अभी भी बने हुए हैं।पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री सतीश शर्मा ने कहा है कि सरकार ने जरूरी चीजों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की है और त्योहार से काफी पहले ही विभागों के बीच तालमेल को मजबूत कर लिया है।

दरअसल ईद-उल-अजहा की तैयारियों का जायजा लेने के बाद मंत्री ने कहा था कि हमारे पास पर्याप्त स्टाक है। वे कहते थे कि विभाग के सभी अधिकारी उचित मूल्य की दुकानों पर गए थे। हम कुछ अन्य बैठकों में व्यस्त होने के कारण वहां नहीं पहुंच पाए। शर्मा ने कहा कि मुख्य त्योहारों की तैयारियां पहले से ही शुरू कर दी गई थीं, ताकि आखिरी समय में किसी भी चीज की कमी या रुकावट से बचा जा सके।

वे कहते थे कि यह पहली बार है जब हमने मुहर्रम की तैयारी लगभग दो महीने पहले ही शुरू कर दी थी। हमने ईद-उल-अजहा की तैयारी भी कर ली है। उनका कहना था कि वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए पहले से तैयारी करना बहुत जरूरी हो गया है।

उनके अनुसार, भू-राजनीतिक स्थिति को देखते हुए हमें सब कुछ पहले से ही करना पड़ रहा है। दुनिया में कब क्या हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता, लेकिन हमें हर स्थिति के लिए तैयार रहना होगा।

मंत्री ने आश्वासन दिया कि जरूरी चीजों के बाजार में जमाखोरी, कालाबाजारी और किसी भी तरह की अनियमितता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वे कहते थे कि हमारे पास पर्याप्त स्टाक है। कुछ शिकायतें मिली हैं, लेकिन उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बार हम एक मिसाल कायम करेंगे।

टॅग्स :जम्मू कश्मीरमांसाहारी खानाभोजन
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