गुवाहाटीः असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ईंधन बचाने के आह्वान के बाद असम मंत्रिमंडल ने बुधवार को कई मितव्ययिता उपायों को अपनाया। ये निर्णय सरमा के दूसरे कार्यकाल में उनकी अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक में लिए गए।
मुख्यमंत्री ने प्रेसवार्ता में बताया, ‘‘असम मंत्रिमंडल ने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा की गई अपील पर विचार किया और कुछ सिफारिशें प्रस्तुत कीं।’’ मितव्ययिता के उपायों के तहत, राज्य सरकार ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रियों और अन्य अधिकारियों के काफिले का आकार कम करने का फैसला किया है।
सरमा ने कहा कि यह भी निर्णय लिया गया है कि चिकित्सा आपात स्थिति को छोड़कर अगले छह महीनों तक कोई भी सरकारी अधिकारी आधिकारिक या निजी यात्रा पर विदेश नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमने अगले छह महीनों तक कोई भी नया वाहन न खरीदने का निर्णय लिया है।’’ उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में ईंधन पर होने वाले खर्च में 20 प्रतिशत की कमी करेगी।
संगोष्ठी और अन्य प्रत्यक्ष बैठकों को हतोत्साहित किया जाएगा तथा ऑनलाइन माध्यमों से सम्मेलन व बैठकें आयोजित करने पर अधिक जोर दिया जाएगा। पश्चिम एशिया संकट के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई द्वारा आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए मितव्ययिता अपनाने पर जोर दिया था।
प्रधानमंत्री ने पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने, शहरों में मेट्रो रेल सेवाओं का उपयोग करने, कार पूलिंग अपनाने, इलेक्ट्रिक वाहनों के अधिक इस्तेमाल, पार्सल ढुलाई के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करने और ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम करने) को बढ़ावा देने का सुझाव दिया था।