पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक में कुल 18 एजेंडों पर मुहर लगी. बैठक में विकास योजनाओं, प्रशासनिक सुधारों, निवेश प्रोत्साहन और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. सरकार ने उद्योग, आईटी, सुरक्षा और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़े फैसले लिए हैं. गृह विभाग के प्रस्ताव के तहत अपराध और सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील माने जाने वाले पांच जिलों पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सीवान में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के पांच नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई.
सरकार का कहना है कि इससे कानून-व्यवस्था पर बेहतर नियंत्रण और पुलिस प्रशासन की निगरानी मजबूत होगी. इस बैठक में बिहार के लाखों सरकारी कर्मचारियों के डीए में बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया. वित्त विभाग की ओर से सरकारी कर्मचारियों के डीए को 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है.
बताया जाता है कि बिहार में सबसे कम 19 हजार रुपये मूल वेतन मिलने वाले कर्मचारियों के वेतन में 390 रुपये की बढ़ोतरी होगी. जबकि 2.25 लाख रुपये मूल वेतन पाने वाले अधिकारियों को हर महीने 4500 रूपये बढ़कर मिलेंगे. इतना ही नहीं, पेशनर्स के मासिक पेंशन में भी बढ़ोतरी की गई है. कैबिनेट की बैठक में उद्योग विभाग से जुड़े फैसले भी लिए गए हैं.
बिहार में लगातार उद्योग को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसी को ध्यान में रखते हुए वैशाली जिले में 100 एकड़ जमीन पर राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान(आईएफटीईएम) की स्थापना होने वाली है. इसके लिए जमीन अधिग्रहण को मंजूरी दी गई. साथ ही एन आईएफटीईएम कैंपस की स्थापना की जाएगी, जिससे युवाओं को फायदा हो सकेगा.
उच्च गुणवत्ता की तकनीकी शिक्षा और कौशल मिल सकेगा. इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक निजी डेयरी परियोजना को भी मंजूरी मिली. इसमें हर रोज 84 हजार लीटर दूध प्रसंस्करण, दही, मक्खन और अन्य दुग्ध उत्पादों के उत्पादन की व्यवस्था होगी. परियोजना से करीब 170 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है.
उच्च शिक्षा विभाग के तहत राज्य सरकार ने सात निश्चय-3 योजना के अंतर्गत तीन नये डिग्री कॉलेजों की स्थापना को मंजूरी दी. इन कॉलेजों में शिक्षकों और कर्मियों के कुल 132 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई. सरकार का कहना है कि इससे उच्च शिक्षा में नामांकन बढ़ेगा और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को सुविधा मिलेगी.
साथ ही शिक्षा विभाग ने जहानाबाद के शिक्षक मो. इरशाद अंसारी को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 के लिए नामित करने का फैसला किया है. परिवहन विभाग की ओर से मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी गई. इसके तहत इलेक्ट्रिक गाड़ियों की खरीद पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी.
सरकार ने साल 2030 तक राज्य में 30 प्रतिशत नई गाड़ियों को इलेक्ट्रिक बनाने का लक्ष्य तय किया है. योजना के तहत निजी और व्यावसायिक दोनों प्रकार की गाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा और राज्य में चार्जिंग स्टेशन डेवलप किए जायेंगे. इसके साथ ही राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़े दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी.