अमरनाथ यात्रा को सुखद बनाने बालटाल मार्ग पर वाहनों को अनुमति देने का मंथन जारी, पिछले साल सुरक्षा के नाम पर हेलिकाप्टर सेवा पर लगाई गई थी रोक
By सुरेश एस डुग्गर | Updated: May 8, 2026 16:52 IST2026-05-08T16:52:34+5:302026-05-08T16:52:40+5:30
जानकारी के लिए पिछले साल पहलगाम नरसंहार के कारण उपजी सुरक्षा चिंताओं के चलते सरकार ने अमरनाथ यात्रा में हेलिकाप्टर सेवाओं को निलंबित कर दिया था। और इस बार सुरक्षा चिंता क्या वैसी ही हैं या फिर कोई सुधार हुआ है का जवाब हेलिकाप्टर सेवाओं के प्रति लिए जाने वाले फैसले से ही मिलेगा।

अमरनाथ यात्रा को सुखद बनाने बालटाल मार्ग पर वाहनों को अनुमति देने का मंथन जारी, पिछले साल सुरक्षा के नाम पर हेलिकाप्टर सेवा पर लगाई गई थी रोक
जम्मू: इस बार अमरनाथ यात्रा में शिरकत करने वालों के लिए यह खुशखबरी हो सकती है कि अगर सब ठीक रहा तो वे बालटाल से गुफा तक वाहनों में यात्रा कर पाएंगें। इस कवायद पर मंथन चल रहा है। पर इसके प्रति श्राइन बोर्ड अभी भी कुछ नहीं बोलता था कि क्या इस बार भी हेलिकाप्टर सेवा निलंबित रहेगी।
इस यात्रा मार्ग को वाहनों के चलने लायक दो साल पहले ही बीआरओ ने तैयार कर लिया था। पिछले साल इसका इस्तेमाल व्यवस्थाओं तथा वीआईपी लोगों से जुड़े वाहनों के इस्तेमाल के लिए किया गया था। जानकारी के लिए पिछले साल पहलगाम नरसंहार के कारण उपजी सुरक्षा चिंताओं के चलते सरकार ने अमरनाथ यात्रा में हेलिकाप्टर सेवाओं को निलंबित कर दिया था। और इस बार सुरक्षा चिंता क्या वैसी ही हैं या फिर कोई सुधार हुआ है का जवाब हेलिकाप्टर सेवाओं के प्रति लिए जाने वाले फैसले से ही मिलेगा।
हालांकि तीन जुलाई से शुरू होने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। वार्षिक यात्रा का संचालन करने वाले श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के अधिकारी और तीर्थयात्रा के सुचारू संचालन में सहायता करने वाले लाइन विभाग ट्रैक क्लीयरेंस और यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को अन्य सुविधाएं प्रदान करने के काम में लगे हुए हैं।
बोर्ड के सूत्रों के अनुसार, दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में हिमालय की गहराई में 3880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा की इस वर्ष की तीर्थयात्रा के लिए अब तक देश भर से चार लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने नामांकन कराया है।
अधिकारियों के मुताबिक, तीर्थयात्रियों के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा की जाएगी और सेना, आईटीबीपी, सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस सहित 40,000 सुरक्षा कर्मियों को दोहरे ट्रैक और यात्रा शिविरों में तीर्थयात्रियों की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात किया जाएगा।
पिछले साल जो चंदनवाड़ी से पिस्सू टाप तक करीब पांच किमी लंबी 12 फीट चौड़ी बाईपास सड़क बनाई गई थी उसे भी चौड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा, चंदनवाड़ी ट्रैक पर जोजीबल तक बर्फ हटाने का काम तेजी से चल रहा है जबकि उसके उपरांत शेषनाग तक आरंभ किया जाएगा। हालांकि, सूत्रों ने बताया कि शेषनाग से महा गणेश (एमजी) टाप तक पांच से 10 फीट बर्फ है, जिसे हटाने में अधिक समय लगेगा। पंचतरणी से पवित्र गुफा तक बर्फ हटाने का काम भी आरंभ किया जाने वाला है।
गंदरबल के जिला उपायुक्त जतिन किशोर ने दो दिन पहले एक बैठक कर बालटाल मार्ग पर यात्रा प्रबंधों की तैयारियों की जानकारी ली। बैठक में दी गई जानकारी के दौरान, उन्होंने पुलिस विभाग के साथ सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। तैनाती स्थलों, चेकपोस्ट और तलाशी बिंदुओं को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए। इसके साथ बेस कैंप के प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर सुरक्षा स्कैनर स्थापित करने को कहा गया।
सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों ने बताया कि बर्फ हटाने का कार्य तेजी से चल रहा है और मार्ग निर्धारित समय सीमा के भीतर खोले जाने की उम्मीद है। ढांचागत विकास कार्यों के लिए अधिकांश चिन्हित कार्यों के लिए निविदाएं जारी कर दी गई हैं और कई स्थानों पर कार्य शुरू हो चुका है।