लखनऊः समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र प्रतीक यादव की बुधवार की तड़के लखनऊ में संदिग्ध परिस्थियों में मौत हो गई. प्रतीक यादव सपा मुखिया अखिलेश यादव के सौतेले भाई हैं और वह अलग घर में रहते थे. फिटनेस और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े प्रतीक यादव के निधन के बाद कई प्रकार के दावे किए जा रहे हैं. प्रतीक के दोस्तों का दावा है कि उनके शरीर पर चोट के निशान थे और उनका शरीर नीला पड़ गया था. हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर कोई चोट के निशान न होने की बात कही गई है.
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के अनुसार, प्रतीक यादव की शरीर पर किसी तरह का बाहरी चोट का कोई निशान नहीं मिला. प्रतीक की मौत की असली वजह अभी साफ नहीं हो सकी है, इस कारण डॉक्टरों ने आगे की जांच के लिए बिसरा और उनके हार्ट को सुरक्षित रखा है.
ताकि जरूरत पड़ने पर इसकी दोबारा जांच की जा सके. प्रतीक यादव की मौत पर उनके भाई अखिलेश यादव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने दुख प्रकट किया है. प्रतीक का अंतिम संस्कार गुरुवार को लखनऊ में होगा.
प्रतीक का निधन हमारे के लिए दुखद : अखिलेश
प्रतीक यादव के नजदीकी लोगों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 38 वर्षीय प्रतीक यादव की तबीयत बिगड़ने पर सुबह साढ़े पांच बजे सिविल अस्पताल के कार्यवाहक निदेशक के पास उनके घर से फोन आया था. जिसके बाद डॉ प्रिंस टीम के साथ प्रतीक यादव के घर गए. प्रतीक यादव के शरीर में कोई हरकत न दिखने पर उन्हे जब अस्पताल लाया जा रहा था तो रास्ते में ही उनकी मौत हो गई.
उन्हें मृत अवस्था में ही अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. प्रतीक यादव जब मौत हुई तो उनकी पत्नी अपर्णा यादव लखनऊ में नहीं थी. राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव भाजपा की नेता हैं और वह मंगलवार को असम में थी. वह लखनऊ पहुंच गई है. प्रतीक के निधन की खबर सुनते ही उनके भाई अखिलेश यादव किंग जार्ज मेडिकल कालेज गए.
अखिलेश यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा, अब प्रतीक हमारे बीच नहीं रहा. हम इस घटना से बेहद दुखी हैं.वह जीवन में आगे बढ़ना और काम करना चाहता था. परिवार के लोगों का कहना है कि अखिलेश यादव के साथ उनके रिश्ते अच्छे थे,और दोनों की अक्सर मुलाक़ात होती रहती थी. फिलहाल अखिलेश यादव, डिंपल यादव और समूचा यादव परिवार प्रतीक के घर पर मौजूद है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से क्या पता चला:
प्रतीक यादव का पोस्टमार्टम केजीएमयू के तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया.पोस्टमार्टम करने वाली टीम के अनुसार, प्रतीक यादव के शरीर पर चोट या संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं. उनकी छाती का भी एक्सरे कराया गया और पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई.डाक्टरों को प्रतीक के शरीर में किसी प्रकार का विषैले तत्व नहीं मिला.
प्रतीक बीपी, डायबिटीज और हाइपरटेंशन के मरीज थे. उनके फेफड़ों में खून के थक्के जम गए थे, जिसका सीधा असर उनके दिल पर पड़ने की बात डाक्टरों की कही है. डॉक्टरों के इस कथन के प्रतीक की मौत किसी साजिश के तहत होने की चर्चा पर फिलहाल विराम लगा रही है.
ऐसी चर्चाओं को देखते हुए डॉक्टरों ने उनके हार्ट को सुरक्षित रख लिया है. प्राथमिक जांच में हार्ट अटैक से मौत का मामला सामने आने के बाद इसकी आगे दोबारा जांच की जरूरत पड़ सकती है. ऐसे में सुरक्षित रखे गए हार्ट से जांच कराई जाएगी. वहीं, बिसरा को जांच के लिए भेजा जाएगा.
प्रतीक राजनीति से दूर थे:
मुलायम सिंह यादव के पुत्र होने के बाद भी प्रतीक यादव राजनीति से दूर थे. ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने वाले प्रतीक फिटनेस फ़्रीक थे और जिम के अलावा कंस्ट्रक्शन बिजनेस में थे. प्रतीक यादव को महंगी कारों और सुपर बाइक्स का शौक था. 38 साल के प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की नेता हैं और राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं.
दोनों की शादी 2011 में हुई थी. कई बार प्रतीक यादव के राजनीति में आने की सुगबुगाहट भी हुई थी. लेकिन उन्होंने राजनीति से दूरी बनाए रखी. हालांकि उनकी पत्नी अपर्णा यादव को राजनीति में रुचि रही है. अपर्णा ने साल 2017 में समाजवादी पार्टी ने टिकट दिया था. वो चुनाव हार गई थीं. इसके बाद वह भाजपा में शामिल हो गई.
प्रतीक का अपनी पत्नी से विवाद भी हुआ था. इस साल जनवरी में उन्होंने अपनी पत्नी अपर्णा यादव के बारे में एक इंस्टाग्राम पोस्ट डाली थी. जिससे दोनों के बीच अनबन होने की ख़बरें सामने आई थीं. प्रतीक यादव ने तब तलाक लेने की बात तक कह दी थी. उन्होंने तब कहा था कि वो मुश्किल दौर से गुज़र रहे हैं.
हालांकि इस पोस्ट के बारे में उनके परिवारिक करीबियों ने बताया कि उनका अकाउंट हैक हो गया था. उसके बाद दोनों के बीच रिश्तों में सुधार के संकेत मिले जब प्रतीक यादव ने 'ऑल इज़ वेल ' का पोस्ट किया था. फिलहाल अब यह सारी बातें फिर से चर्चा में आ गई हैं.