लखनऊ: लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी से बुधवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि प्रतीक यादव की मृत्यु "फेफड़ों में भारी रक्त के थक्के जमने के कारण हृदय-श्वसन संबंधी विफलता" से हुई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि शरीर पर छह "मृत्युपूर्व" चोटें भी पाई गईं। फेफड़ों में रक्त के थक्के जमने से फेफड़ों की धमनियों में से एक में रुकावट आ जाती है, जो आमतौर पर पैरों या शरीर के अन्य हिस्सों से फेफड़ों तक पहुंचने वाले रक्त के थक्कों के कारण होती है।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है, "पूरे हृदय और फेफड़ों में रक्त के थक्के जमने की समस्या को हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए फॉर्मेलिन में संरक्षित किया गया है और आंतरिक अंगों को रासायनिक विश्लेषण के लिए संरक्षित किया गया है।" मृत्युपूर्व चोटें पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छाती, दाहिनी बांह के नीचे, दाहिनी कलाई, दाहिनी कोहनी के जोड़, कोहनी के ऊपर और बाईं कलाई पर चोटों का उल्लेख किया गया है।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है, "चोट 1, 2 और 3 लगभग 5-7 दिन पुरानी हैं। चोट 4, 5 और 6 लगभग एक दिन पुरानी हैं।" उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सौतेले भाई यादव कथित तौर पर लीवर और फेफड़ों से संबंधित जटिलताओं से पीड़ित थे। उन्हें कई बार लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रतीक यादव का पोस्टमार्टम केजीएमयू के तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया।
पोस्टमार्टम करने वाली टीम के अनुसार छाती का भी एक्सरे कराया गया और पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई। प्रतीक बीपी, डायबिटीज और हाइपरटेंशन के मरीज थे। उनके फेफड़ों में खून के थक्के जम गए थे, जिसका सीधा असर उनके दिल पर पड़ने की बात डाक्टरों की कही है। डॉक्टरों के इस कथन के प्रतीक की मौत किसी साजिश के तहत होने की चर्चा पर फिलहाल विराम लगा रही है।
ऐसी चर्चाओं को देखते हुए डॉक्टरों ने उनके हार्ट को सुरक्षित रख लिया है। प्राथमिक जांच में हार्ट अटैक से मौत का मामला सामने आने के बाद इसकी आगे दोबारा जांच की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में सुरक्षित रखे गए हार्ट से जांच कराई जाएगी. वहीं, बिसरा को जांच के लिए भेजा जाएगा।
प्रतीक यादव को आज सुबह 6.15 बजे उनके परिवारवाले अस्पताल ले गए। खबरों के मुताबिक अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई थी। उनकी पत्नी, भाजपा नेता अपर्णा यादव, घटना के समय शहर में नहीं थीं। सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. जीसी गुप्ता ने बताया कि प्रतीक को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था।