हेगः नीदरलैंड्स के हेग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे और प्रवासी भारतीय को संबोधित किया। लोगों की ज़ोरदार तालियों और नारों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हेग में आयोजित सामुदायिक कार्यक्रम के मंच पर पहुंचे। आज यहां जो माहौल है उसे देखकर लग रहा है कि द हेग लिविंग सिंबल ऑफ इंडियन फ्रेंडशिप बन गया है। ये दिखाता है कि पासपोर्ट का रंग बदल सकता है, एड्रेस भी बदल सकता है, टाइम ज़ोन भी बदल सकता है लेकिन मां भारती की संतानें कहीं भी रहें ये गर्मजोशी, जिंदगी का जश्न माने का जज़्बा हमेशा हमारे साथ रहता है।
आज मानवता के सामने अनेक बड़ी चुनौतियां भी हैं। पहले कोरोना आया, फिर युद्ध होने शुरू हो गए और अब energy crisis है। ये दशक दुनिया के लिए आपदाओं का दशक बन रहा है। अगर ये स्थितियां तेजी से नहीं बदली गई, तो बीते अनेक दशकों की उपलब्धियों पर पानी फिर जाएगा। जब लोगों के सपने सच होते हैं तो लोकतंत्र पर उनका भरोसा भी मजबूत होता है।
मैं आपको हाल के विधानसभा चुनावों का उदाहरण देता हूं। असल, बंगाल, केरलम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में इस बार 80-90 प्रतिशत तक वोटिंग हुई। और इसमें भी वीमेन पार्टिसीपेशन बहुत ज्यादा बढ़ी है और ये हर राज्य का ट्रेंड है। आज भारत में वोटर उत्साहित हैं। हमें गर्व होता है कि हर साल वोटिंग के रिकॉर्ड्स टूट रहे हैं। भारत की aspiration driven journey, हमारी democracy को सशक्त कर रही है।
भारत... अपने हर citizen की democratic participation को value करता है। और mother of democracy के रूप में, ये हम सभी के लिए बहुत गर्व की बात है। आप सब से मुलाकात के बाद नीदरलैंड्स के राजा और रानी से मिलने का अवसर मिलेगा। इसके साथ राष्ट्रपति से भी विस्तार से कई विषयों पर चर्चा होगी...
मेरी जब भी नीदरलैंड्स के नेताओं से बात हुई है ये भारतीय प्रवासी समुदाय की बहुत प्रशंसा करते हैं। आप नीदरलैंड्स के समाज और यहां की अर्थव्यवस्था में जो योगदान दे रहे हैं उसपर हर भारतवासी को गर्व है। मैं आज इस अवसर पर नीदरलैंड्स की जनता का यहां की सरकार का आभार व्यक्त करता हूं। आज से 12 वर्ष पहले 2014 में 16 मई 2014 कुछ खास हुआ था।
2014 में आज के ही दिन लोकसभा चुनाव के नतीजे आए थे। भारत में लंबे समय के बाद स्थिर और पूर्ण बहुमत वाली सरकार का बनना पक्का हुआ था। एक वो दिन था और एक आज का दिन है भारतवासियों का विश्वास मुझे न रुकने देता है और न थकने देता है। आज भारत में जो सोलर पार्क बन रहे हैं वे विश्व में सबसे बड़े पार्क में से एक हैं।
सबसे ऊंची और सबसे लंबी टनल हो, सबसे ऊंचे और सबसे लंबे पुल हो, सबसे लंबे एक्सप्रेसवे हो, सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क हो, सबसे बड़े सिविल एविएशन नेटवर्क हो, सबसे बड़े इलेक्ट्रिफाइड रेल नेटवर्क हो इनमें से अनेक आज भारत में बन रहे हैं। आज भारत में हर महीने 20 बिलियन से ज्यादा UPI ट्रांजेक्शन होते हैं यानी पूरी दुनिया में हो रहे डिजिटल ट्रांजेक्शन में आधे से ज्यादा सिर्फ भारत में हो रहे हैं।
12 साल पहले देश में 500 से भी कम स्टार्टअप थे, आज ये संख्या बढ़कर 2 लाख से भी ज्यादा हो गई है। पहले कोविड आया, फिर युद्ध होने शुरू हो गए और अब आज का एनर्जी क्राइसिस(ऊर्जा संकट) है। ये दशक दुनिया के लिए आपदाओं का दशक बन रहा है। अगर ये स्थितियां तेजी से नहीं बदली गई तो बीते अनेक दशकों की उपलब्धियों पर पानी फिर जाएगा।
दुनिया की बहुत बड़ी आबादी फिर से गरीबी के दलदल में चली जाएगी। ऐसी वैश्विक परिस्थितियों में आज दुनिया रेजिलिएंट सप्लाई चेन की बात कर रही है, तब भारत और नीदरलैंड्स मिलकर एक भरोसेमंद, पारदर्शी और भविष्य के लिए तैयार सप्लाई चेन बनाने में जुटे हैं।