कोलकाताः पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को 2024 के आरजी कर मेडिकल कॉलेज बलात्कार और हत्या मामले में कथित लापरवाही के आरोप में तीन आईपीएस अधिकारियों को निलंबित करने की घोषणा की। राज्य सचिवालय नबन्ना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अधिकारी ने कहा कि कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत गोयल, पूर्व पुलिस उपायुक्त (उत्तर) अभिषेक गुप्ता और पुलिस उपायुक्त (मध्य) इंदिरा मुखर्जी को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये अधिकारी प्रक्रियात्मक चूक में शामिल थे।
अधिकारी ने कहा कि RG कर घटना के संबंध में हमने खास तौर पर कोलकाता के CP विनीत कुमार गोयल और अन्य अधिकारियों जैसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। इस मामले को ठीक से न संभालने के भी आरोप हैं। इसके अलावा यह भी आरोप है कि दो अधिकारियों ने अभया के परिवार को पैसे देने की कोशिश की।
अब, उस समय इस मामले से जुड़े सभी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है, क्योंकि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता बेहद ज़रूरी है। विनीत गोयल, इंदिरा मुखर्जी और अभिषेक गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने RG कर मामले में हुई चूकों को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा तीन पुलिस अधिकारियों को निलंबित किए जाने पर कहा कि पीएम मोदी और सीएम शुभेंदु अधिकारी ने पहले ही दिन से बोला है कि डॉ अभया का केस और इस तरह का केस तथा दुर्नीति केस जो 15 साल से हुआ है जो अपने व्यक्तित्व लाभ के लिए केस बंद कर दिया गया था।
और न्याय नहीं दिलाया गया। तो हम ये केस फिर से खोलेंगे....इस केस में सिर्फ संजय रॉय शामिल नहीं था इसमें बहुत बड़ी साजिश थी...इसमें पूर्व सीएम ममता बनर्जी और TMC सरकार इस केस में शामिल हैं तो हम लोग यही चाहते हैं कि इसमें न्याय मिले और जो आज तीन लोगों को सस्पेंड किया गया है उससे हम बहुत खुश हैं।"