लखनऊः मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से संयम बरतने और संसाधनों का सोच-समझकर उपयोग करने की अपील की. प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद मुख्यमंत्री योगी सहित उनकी सरकार के मंत्रियों के अपनी फिलीट में कारों की संख्या घटा दी है. लेकिन इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने 50 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली परियोजनाओं के उद्घाटन तथा शिलान्यास करने की तैयारी शुरू कर दी है. जिलों में भव्य समारोह आयोजित कर बड़ी परियोजनों का उद्घाटन तथा शिलान्यास प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय और प्रदेश के मंत्रियों आदि की मौजूदगी में होगा. इस दौरान समारोह के मंच से वीआईपी नेता जनता को संबोधित भी कर सूबे में पार्टी के पक्ष में चुनावी माहौल बनाएँगे.
इसी नवंबर से शुरू होगा उद्घाटन-शिलान्यास का सिलसिला
प्रदेश सरकार के इस प्लान को जमीन पर उतारने के लिए विभागों से 50 करोड़ रुपए और उससे अधिक की बड़ी परियोजनाओं का ब्योरा मांगा गया है, ताकि उनके उद्घाटन और शिलान्यास की तारीख को फाइनल किया जा सके. मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों के अनुसार, सरकार इन आयोजनों के माध्यम से अपनी उपलब्धियों को जनता के बीच पहुंचाने का काम करेगी और लोगों को बताएँगे कि पूर्व की सरकारों ने उनके हित के लिए यह कार्य करने में कोताही बरती थी. बताया यह जा रहा है कि राज्य में बड़ी परियोजनों के उद्घाटन और शिलान्यास का कार्यक्रम नवंबर से शुरू होंगे.
फरवरी में इसका समापन होगा. कुछ बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास प्रधानमंत्री करेंगे, जबकि अन्य में केंद्रीय मंत्री मौजूद रहेंगे. अधिकारियों के मुताबिक लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की 100 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाली 22 परियोजनाओं का उद्घाटन और 18 परियोजनाओं का शिलान्यास होना है. इन परियोजनाओं का ब्यौरा सीएम ऑफिस पहुंच गया है.
इन परियोजनाओं की लागत 9720 करोड़ रुपए है और ये परियोजनाएं सड़कों तथा सेतुओं के निर्माण से संबंधित हैं. इसके अलावा राज्य में दो हाईवे कॉरिडोर के शिलान्यास की तैयारी भी की जा रही है. यूपी स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार सिंह के मुताबिक, फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेस वे, झांसी लिंक एक्सप्रेस वे तथा आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस वे का शिलान्यास कराने की तैयारी चल रही है. इसके साथ ही लखनऊ में विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर तथा नाइट सफारी का शिलान्यास भी होना है.
मेरठ में बन रही स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण भी पूरा हो चुका है, उसका भी उद्घाटन होना है. इसके साथ ही पूर्वांचल में उत्तर से दक्षिण को जोड़ने वाले दो हाईवे कॉरिडोर के शिलान्यास की तैयारी चल रही है. ये हाईवे पूर्वांचल के दर्जन भर जिलों को हाईवे नेटवर्क से आपस में जोड़ेंगे. इन दोनों कॉरिडोर से गाजीपुर, अंबेडकर नगर, जौनपुर आदि जिले जुड़ रहे हैं. डिफेंस कॉरिडोर के चित्रकूट नोड में भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड (बीईएल) की इकाई का शिलान्यास होना है.
परियोजनों के जरिए योगी साधेंगे सियासत, विपक्ष भी तैयार
योगी सरकार द्वारा की जा रही बड़ी परियोजनाओं के उद्घाटन-शिलान्यास की तैयारियों को लेकर विपक्षी दल भी सतर्क हो गए है. सपा नेताओं के अनुसार योगी सरकार बड़ी परियोजनाओं खास कर लिंक एक्सप्रेसवे के माध्यम से बीते चुनावों में पूर्वांचल के गाजीपुर, अंबेडकर नगर, जौनपुर आदि जिले में अपने विकास का संदेश देना चाहती है.
तो विपक्ष भी जनता को यह बतरेगा कि किस तरह से सूबे की सरकार अपने प्रचार तंत्र के विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है. राज्य में किस तरह से आमजन और गरीबो की आवाज को अनसुना किया जा रहा है, स्मार्ट मीटर के नाम पर शहरी लोगों को परेशान किया जा रहा तो किसान अपने ट्रैक्टर के लिए डीजल पाने के लिए परेशान है.
यहीं गाँव से शहर में रोजगार की तलाश में आए लोग भी गैस की किल्लत से जूझ रहे हैं. कुल मिलकर जिन बड़ी परियोजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने अपनी सियासत को साधने की सोची है, उसकी ही हवा निकालने की तैयारी भी विपक्ष में शुरू कर दी है.