नागपुर: ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टॉफ एसोसिएशन (एआईएलआरएसए) के आह्वान पर शुक्रवार काे लोको पायलट और सहायक लोको पायलट ने अपनी मांगों को लेकर लाॅबी में ‘मुंडी गरम’ विरोध प्रदर्शन किया. ये आंदाेलन रेल इंजनों की कैब की जर्जर स्थिति और भीषण गर्मी के बावजूद इंजन में एयर कंडीशनर न लगाए जाने के खिलाफ किया गया.
इस दाैरान एआईएलआरएसए के मंडल अध्यक्ष एके सिंह ने कहा कि रेल प्रशासन बुलेट ट्रेन और आधुनिक स्टेशनों की बात कर रहा है, लेकिन रेल को पटरी पर दौड़ाने वाले लोको पायलट आज भी 50 डिग्री तापमान में लोहे के तपने वाले कैब में काम करने को मजबूर हैं. जब लोको पायलट की ‘मुंडी गरम’ (सिर गर्म) होगी, तो वह एकाग्रता के साथ गाड़ी कैसे चला पाएगा?
यह सीधे तौर पर रेल संरक्षा से जुड़ा मामला है. आज देश के कई हिस्सों में पारा 45 डिग्री के पार जा रहा है. रेल इंजन का तापमान बाहर की तुलना में 5-10 डिग्री अधिक हाेने से लोको पायलट हिट स्ट्रोक और अत्यधिक मानसिक तनाव का शिकार हो रहे हैं. लेकिन, अधिकांश इंजनों में अब भी एसी नहीं हैं. अनेक इंजनाें में एसी होने पर भी बंद है.
लोको कैब में सीटों की खराब स्थिति, अत्यधिक शोर और धूल-मिट्टी के कारण भी 10-12 घंटे ड्यूटी करना असंभव हो गया है. महिला व पुरुष लोको पायलटों के लिए इंजन में बुनियादी प्रसाधन सुविधाओं की कमी है. ऐसे में यदि जल्द ही इंजनों में एसी लगाने और कैब की स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए ताे भविष्य में और भी उग्र आंदोलन किया जाएगा. इस दाैरान मांगाें का ज्ञापन भी मध्य रेलवे, नागपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक विनायक गर्ग काे साैंपा गया.