पटनाः बिहार में पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में एक महिला ने सरकारी अधिकारी अप्पू कुमार पर प्रेम जाल में फंसा दुष्कर्म करने का महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई है. आरोपी वर्तमान में कोटवा में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी (एलईओ) के पद पर तैनात है. पीड़िता के अनुसार, दोनों की मुलाकात वर्ष 2023 में सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी, जिसके बाद आरोपी ने शादी का झांसा देकर पटना के एक होटल में पहली बार शारीरिक संबंध बनाए और लगातार उसका यौन शोषण करता रहा. पीड़िता ने अप्पू कुमार पर आरोप लगाया है कि वह शादी का झांसा देकर संबंध बनाता था.
जब मैं गर्भवती हो गई, तो दवा खिला दिया. उसने ऐसा कई बार किया. इतना ही नहीं जब मैं मना करती थी, तो अप्पू कुमार सिगरेट से मेरे शरीर को दागता था. पीड़िता ने बताया कि अधिकारी ने शादी करने के बहाने मोतिहारी बुलाया और अपने अगरवा मोहल्ले के आवास में कमरे में बंद कर दिया और एक बार फिर से गर्भपात करवाने की दवा जबर्दस्ती खिला दिया.
जब विरोध किया तो कमरे में बंद कर सिगरेट से दागा दिया. वह किसी किसी तरह जान बचाकर भागने में कामयाब हुई. आरोपी के चंगुल से निकल कर किसी तरह पीड़िता मोतिहारी के महिला थाना पर पहुंची. यहां पर भी रसूखदार अधिकारी के पैरीवाकर थाना पर पहुंच गए और अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर महिला थाना अध्यक्ष पर प्राथमिकी दर्ज नहीं करने का दवाब बनाने लगे.
चर्चा है कि एक दलाल किस्म का युवक ने थाना को मैनेज कर लिया था. हाल यह हुआ कि पीड़िता कई घंटे तक थाना पर बैठी रही, लेकिन उसकी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई. लेकिन मीडिया में खबर चलने के बाद मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात ने मामले का संज्ञान लेते हुए अप्पू कुमार के खिलाफ ना सिर्फ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश, बल्कि महिला थाना अध्यक्ष को अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है. दस्तावेजों के अनुसार, पुलिस ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए 13 मई 2026 को आधिकारिक तौर पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है.
आरोपी अप्पू कुमार के विरुद्ध महिला थाना कांड संख्या 47/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं 69, 126(2), 127(2), 89, 91, 115(2), 352 और 351(2)(3) में मामला दर्ज किया गया है. इन धाराओं में शादी का झूठा वादा करना, बंधक बनाना, स्वेच्छा से चोट पहुंचाना और जबरन गर्भपात कराना जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं.
महिला थाना प्रभारी मोना कुमारी ने प्राथमिकी दर्ज करते हुए मामले की छानबीन तेज कर दी है. इस हाई-प्रोफाइल केस की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर रूपरेखा कुमारी को सौंपी गई है, जो अब पूरे मामले की गहन जांच करेंगी. पीड़िता ने अपने आरोपों की पुष्टि के लिए डॉक्टर के पुर्जे की फोटोकॉपी भी पुलिस को साक्ष्य के रूप में उपलब्ध कराई है. एक जिम्मेदार सरकारी पद पर बैठे अधिकारी द्वारा सत्ता के दुरुपयोग का यह मामला अब जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है.