नई दिल्लीः पाकिस्तान को कड़ा सैन्य संदेश देते हुए सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को कहा कि अगर इस्लामाबाद आतंकवादियों को पनाह देना और भारत के खिलाफ गतिविधियां जारी रखता है, तो उसे ‘‘यह तय करना होगा कि वह भूगोल का हिस्सा बने रहना चाहता है या इतिहास का।’’ द्विवेदी ने इस्लामाबाद को कड़ा सैन्य संदेश देते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना और भारत के खिलाफ कार्रवाई करना जारी रखता है, तो उसे यह तय करना होगा कि वह भूगोल या इतिहास का हिस्सा बनना चाहता है या नहीं।
दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में 'यूनिफॉर्म अनवेल्ड' द्वारा आयोजित एक संवाद सत्र में उनसे पूछा गया कि अगर पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर जैसी परिस्थितियां दोबारा उत्पन्न होती हैं तो भारतीय सेना क्या प्रतिक्रिया देगी। अगर आपने मुझे पहले सुना है, तो मैंने जो कहा है... वह यह है कि अगर पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना और भारत के खिलाफ कार्रवाई करना जारी रखता है।
'सेना संवाद' कार्यक्रम में संबोधन देश और भारतीय सेना द्वारा ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ मनाए जाने के कुछ दिनों बाद आए। भारतीय वायु सेना के अधिकारियों ने "जीवन में एक बार मिलने वाले" ऑपरेशन सिंदूर मिशन को याद किया। जनरल द्विवेदी के संक्षिप्त संबोधन में पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया गया और आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को दोहराया गया।
ऑपरेशन सिंदूर पिछले साल 7 मई की सुबह घातक पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था, जिसमें भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में कई आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे।
बाद में पाकिस्तान ने भी भारत के खिलाफ हमले शुरू किए, और भारत द्वारा किए गए सभी जवाबी हमले भी ऑपरेशन सिंदूर के तहत ही किए गए थे। दो परमाणु-सशस्त्र पड़ोसी देशों के बीच लगभग 88 घंटे तक चला सैन्य संघर्ष 10 मई की शाम को एक समझौते पर पहुंचने के बाद समाप्त हो गया।