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चंद्र ग्रहण 2020: जानिए कब से शुरू होगा और कितने देर रहेगा चंद्र ग्रहण, सूतक के बारे में भी पूरी डिटेल

By विनीत कुमार | Updated: November 29, 2020 20:23 IST

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Luna Eclipse November 2020: इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण सोमवार यानी 30 नवंबर के दिन लगने जा रहा है। ये हिंदी कैलेंडर कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि भी होगी। ये चंद्र ग्रहण कुल 4 घंटे 18 मिनट और 11 सेकेंड का होगा। आगे की स्लाइड में इस बेहद अहम चंद्र ग्रहण से जुड़ी सारी बातें जान लीजिए।
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चंद्र ग्रहण की शुरुआत भारतीय समय के अनुसार दोपहर 1.40 बजे से होगी और इसका समापन 5 बजकर 22 मिनट पर होगा। दोपहर बाद 3 बजकर 13 मिनट पर चंद्र ग्रहण अपने चरम पर होगा। ये चंद्र ग्रहण इस बार किस राशि में लगने जा रहा है, इसके लिए अगली स्लाइड जरूर देंखें।
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30 नवंबर को लगने जा रहा चंद्र ग्रहण इस बार रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि में लगने जा रहा है। ऐसे में वृषभ राशि के जातकों को थोड़ी बहुत सावधानी और अपने क्रोध व व्यवहार पर संयम रखने की जरूरत होगी। अगली स्लाइड में अन्य राशियों पर इसके प्रभाव के बारे में जानिए।
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वृषभ राशि को अगले कुछ दिन सावधान रहने की जरूरत है। कुछ अशुभ असर वृष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु और तुला पर भी पड़ेगा। वहीं, मेष, कर्क, वृश्चिक, मकर, कुंभ और मीन जातक ग्रहण के अशुभ असर से बचने की उम्मीद कर सकते हैं। अगली स्लाइड में देखिए चंद्र ग्रहण का सूतक कब से शुरू हो रहा है।
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यह ग्रहण उपछाया चंद्रग्रहण होगा। इसलिए इस बार कोई सूतक नहीं लगेगा। आमतौर पर चंद्र ग्रहण में सूतक ग्रहण शुरू होने के 9 घंटे पहले और सूर्य ग्रहण में 12 घंटे पहले लगता है। हालांकि उपछाया चंद्र ग्रहण को हिंद मान्यता में ग्रहण नहीं माना जाता। इसलिए सूतक नहीं लगेगा। अगली स्लाइड में जानिए उपछाया चंद्रग्रहण क्या होता है।
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उपछाया चंद्रग्रहण में धरती पूरी तरह चंद्रमा को नहीं ढक पाता। चंद्रमा ऐसी स्थिति में धरती की उपछाया में ही प्रवेश करके ही बाहत निकल जाता है। इसे अंग्रेजी में Penumbra कहते हैं। उपछाया के कारण धरती की वास्तविक छाया चंद्रमा पर नहीं पड़ती है। ऐसी स्थिति में चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा कुछ धुंधला दिखाई देता है और पूरी तरह काला नहीं पड़ता है।
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31 नवंबर को लगने वाला चंद्रग्रहण एशिया समेत ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर, अमेरिका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। भारत में ये ठीक से नहीं देखा जा सकेगा। कुछ हिस्सों में जरूर दोपहर बाद इसकी कुछ झलक देखने को मिल सकती है।
टॅग्स :चन्द्रग्रहणकार्तिक मासपूर्णिमादेव दीपावली
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