लाइव न्यूज़ :

बाल झड़ते हैं तो आज ही छोड़ दें ये 4 चीजें, गंजेपन से होगा बचाव, देखें तस्वीरें

By संदीप दाहिमा | Updated: January 17, 2020 07:04 IST

Open in App
1 / 5
बालों का झड़ना एक आम समस्या बन गई है। हाल में बालों के झड़ने और उससे प्रभावित व्यक्ति को होने वाली मुश्किलों को लेकर कई फिल्में भी प्रदर्शित हुई हैं। पहले उम्र बढ़ने के साथ यह समस्या होती थी लेकिन अब कम उम्र के लोग भी तेजी से गंजेपन का शिकार हो रहे हैं। बाल झड़ने के कई कारण हो सकते हैं लेकिन सबसे बड़ा कारण खराब खान-पान भी हैं। ऐसा कहा जाता है कि रोजाना खायी जाने वाली कुछ चीजें बालों के झड़ने का प्रमुख कारण बनती हैं। चलिए जानते हैं क्या-क्या हैं वो चीजें।
2 / 5
हेयरगार्ड के अनुसार, डेयरी उत्पाद एक बड़ी समस्या हो सकती है। इनसे न केवल शरीर में अत्यधिक एसिड बनता है बल्कि यह एलर्जिक रिएक्शन को भी बढ़ाते हैं। बाजार में मिलने वाले अधिकतर डेयरी उत्पाद पास्चुरीकृत होते हैं। पाश्चराइजेशन प्रोसेस में दूध में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले एंजाइम खराब हो जाते हैं। यह ऐसा एंजाइम है जो दूध को पचाने में मदद करता है और इसके बिना शरीर को डेयरी उत्पादों को पचाने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और इनके पोषक तत्व बेकार हो जाते हैं। इसके बजाय शरीर में जाने वाले अपशिष्ट उत्पादों वाले हानिकारक बैक्टीरिया पच जाते हैं। डेयरी उत्पाद त्वचा के छिद्रों को भी अवरुद्ध करते हैं। इसका मतलब यह है कि खोपड़ी पर एपिडर्मिस पट्टिका बनने की अधिक संभावना है होती है, जिससे बाल पतले और झड़ने लगते हैं।
3 / 5
कार्बोनेटेड ड्रिंक्स बेहद एसिड बनाने वाले होते हैं। वास्तव में इनमें सबसे अधिक एसिड होता है। इतना ही नहीं, यह चीजें ब्लड ग्लूकोज बढ़ाने का काम करती हैं। ऐसा कहा जाता है कि शरीर में ब्लड शुगर लेवल बढ़ने से पुरुषों को गंजेपन का अधिक खतरा होता है। ऐसा माना जाता है कि इंसुलिन प्रतिरोध की वजह से गंजेपन का खतरा होता है। यह एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें आपका शरीर इंसुलिन के प्रति अपनी संवेदनशीलता खो देता है जिसके चलते ब्लड शुगर बढ़ने लगता है। इसलिए कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ खाएं, ताकि ब्लड शुगर लेवल को कम किया जा सके। कार्बोनेटेड पेय के बजाय आपको पानी, नारियल पानी, सब्जियों का रस, बादाम का दूध, लौंग, अदरक, दालचीनी, नींबू का रस आदि का सेवन करना चाहिए।
4 / 5
चिकने खाद्य पदार्थ धमनियों को रोकते हैं और खोपड़ी पर चिकनी त्वचा भी पैदा कर सकते हैं। इनसे हेयर फॉलिकल, ब्लड फ्लो धीमा होने पसीने के छिद्रों को बंद होने का खतरा होता है। खोपड़ी के छिद्रों के बंद होने से डीटीएच और अन्य हानिकारक हार्मोन फंस सकते हैं, जिससे बाल झड़ने का खतरा होता है। एक अच्छा शैम्पू तेल को धोने में मदद मिल सकती है। चिकने खाद्य पदार्थों से बचने के लिए आहार को बदलना सबसे अच्छा तरीका है। हालांकि बालों के विकास के लिए हेल्दी फैट बहुत फायदेमंद हो सकता है।
5 / 5
इन खाद्य पदार्थों में ऐसे हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स अधिक होता है जिससे ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा होता है जो बालों को पतला करने और झड़ने में जिम्मेदार है। जब आप नाश्ते में पाश्चराइज्ड मिल्क औरत सेरेल्स चीजों का सेवन करते हैं, तो बालों के झड़ने का खतरा उतना ही अधिक होता है। प्रसंस्कृत अनाज में बहुत अधिक ग्लाइसेमिक होता है क्योंकि पौधे से प्राकृतिक फाइबर को हटा दिया जाता है, जिससे इसे पचाना मुश्किल होता है। इसमें से फाइबर को हटाने के बाद फूड शुगर सीधे रक्त प्रवाह में चली जाती है जिससे रक्त-शर्करा के स्तर में भारी वृद्धि होती है।
टॅग्स :हेयर केयर
Open in App

संबंधित खबरें

फ़ैशन – ब्यूटीHoli 2026: होली पर बनाए ये स्टाइलिश हेयरस्टाइल, रंगों से बाल रहेंगे सेफ

फ़ैशन – ब्यूटीKarwa Chauth 2025: साड़ी या सूट..., हर आउटफिट्स पर परफेक्ट है ये हेयरस्टाइल, मिनटों में बनकर होगा तैयार

स्वास्थ्यचबा लेना इस पेड़ के 5 पत्ते, बालों का झड़ना, डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियों से होगा बचाव...

स्वास्थ्यबरसात के मौसम में बालों का टूटना-झड़ना रोकने का घरेलू इलाज, करें इन 3 चीजों का इस्तेमाल

स्वास्थ्यHoli 2025: पक्के रंग से होली खेलने के बाद कैसे हटाएं रंग? नेचुरल तरीके से मिनटों में करें साफ, बरकरार रहेगा ग्लो

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यहोम्योपैथी: विज्ञान और दर्शन का संगम

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

स्वास्थ्यस्तन एवं सर्वाइकल कैंसर की निःशुल्क जांच?, दिल्ली पुलिस मुख्यालय में 5वें CAPS शिविर का सफल आयोजन

स्वास्थ्यबांग्लादेश खसरा प्रकोपः 100 से अधिक बच्चों की मौत?, मार्च से अब तक 900 से अधिक केस, खसरा-रूबेला का आपातकालीन टीकाकरण अभियान चलाया?

स्वास्थ्यJammu-Kashmir: जम्‍मू कश्‍मीर में कैंसर का बढ़ता बोझ, 2018 से कश्मीर में 50,000 से ज्‍यादा मामले सामने आए