पटनाः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा पेट्रोल-डीजल में कटौती करने अपील को जमीन पर उतारते हुए शुक्रवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने लोक सेवक आवास से पैदल ही मुख्यमंत्री सचिवालय पहुंचे. उन्होंने आम लोगों और जनप्रतिनिधियों से भी पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने तथा सार्वजनिक परिवहन के अधिक इस्तेमाल की अपील की है. इससे पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जब दरभंगा के लिए रवाना हुए थे तो पटना एयरपोर्ट सिर्फ 3 गाड़ियों के साथ पहुंचे थे. कोई ताम-झाम नहीं और पीएम नरेंद्र मोदी की अपील को सम्राट चौधरी ने अपने स्तर से लागू करने की शुरुआत कर दी है.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर पोस्ट शेयर कर सभी नेताओं से भी गाड़ियों का कम इस्तेमाल करने की अपील की थी. मुख्यमंत्री के अलावा पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश भी गाड़ी छोड़ पैदल की कार्यालय जाते दिखे. मुख्यमंत्री ने सरकारी दफ्तरों में संचालित होने वाले कैटीन में पाम ऑयल का कम से कम उपयोग करने का निर्देश भी दिया है.
वहीं सरकारी और निजी कार्यालयों में वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है. इसके साथ ही सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने का भी आह्वान किया गया है. सम्राट चौधरी की पैदल चलकर कार्यालय जाने की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है.
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की घोषणा की. मंत्री दीपक प्रकाश ने बुधवार को ही मंत्री दीपक प्रकाश ने पैदल ही कार्यालय जाने का फैसला लिया था, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई थी.
दीपक प्रकाश ने कहा था कि इससे लोगों के बीच पॉजिटिव मैसेज जाएगा. उनका मानना था कि जब जनप्रतिनिधि और अधिकारी खुद पीएम मोदी की अपील मानेंगे तब ही आम लोग इससे प्रेरित हो सकेंगे और उनके बीच जागरूकता बढ़ेगी. उन्होंने इसे जरुरी सोच बताया था.