आतंक फैलाने के लिए पाकिस्तान की खतरनाक हरकतें
By लोकमत समाचार सम्पादकीय | Updated: May 15, 2026 05:20 IST2026-05-15T05:20:38+5:302026-05-15T05:20:38+5:30
महाराष्ट्र के कम से कम 57 लोग भट्टी के संपर्क में थे. इनमें से कुछ लोगों को खुफिया एजेंसी ने पूछताछ के लिए उठाया है.

सांकेतिक फोटो
यह खबर बहुत चिंताजनक है कि पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर भारत में अपने नेटवर्क के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से हायरिंग कर रहे हैं. हालांकि यह बात पहले से साबित होती रही है लेकिन पाकिस्तान बड़ी बेशर्मी के साथ इनकार करता रहा है. अब खबर यह है कि पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी बड़े पैमाने पर अपनी गैंग के लिए भारत में हायरिंग कर रहा है.
भारतीय खुफिया एजेंसी की नजर इस पर काफी पहले से थी लेकिन चौंकाने वाली बात है की भट्टी का नेटवर्क देश के ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंच गया था. खुफिया एजेंसी का आकलन है कि महाराष्ट्र के कम से कम 57 लोग भट्टी के संपर्क में थे. इनमें से कुछ लोगों को खुफिया एजेंसी ने पूछताछ के लिए उठाया है.
सवाल यह पैदा होता है कि शहजाद भट्टी जैसे लोग भारतीय युवाओं से कैसे संपर्क साध लेते हैं और भारतीय युवा क्यों उनके चक्कर में आ जाते हैं? निश्चय ही इसके पीछे धार्मिक भावनाएं ज्यादा प्रबल होती हैं. महाराष्ट्र के पुणे, छत्रपति संभाजीनगर, अकोला, वाशिम, गोंदिया और चंद्रपुर जिले के जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है वे कम उम्र के लोग हैं और इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि उन्हें एक तरफ धार्मिक सोच के आधार पर लुभाने की कोशिश की गई है तो कुछ लालच भी रहे ही होंगे.
हमारी खुफिया एजेंसियां इस पूरे प्रकरण की तह में जाएंगी और इस बात का पता लगाएंगी कि भट्टी का जाल कितना फैला है और क्या भट्टी जैसे और भी लोग इसमें शामिल हैं. यह खतरनाक इसलिए है क्योंकि हम कश्मीर में इसके परिणाम देख चुके हैं. कुख्यात आतंकवादी बुरहान वानी ने सोशल मीडिया के माध्यम से ही कश्मीर में बड़े पैमाने पर युवाओं को आतंकवाद की तरफ मोड़ा था.
और उसका खामियाजा भारत को भुगतना पड़ा था. इसमें कोई संदेह नहीं कि आतंकवाद पर अगर हमें काबू पाना है तो व्यापक पैमाने पर सतर्कता बरतनी होगी और इस बात का ख्याल रखना होगा कि हमारे युवाओं को कोई भी धर्म के नाम पर भड़का न पाए. यह सवाल भी पूछा जाना लाजमी है कि एक खास धर्म और संप्रदाय के युवा भट्टी जैसे लोगों का शिकार क्यों हो जाते हैं.
क्या उन्हें समझ में नहीं आता कि भट्टी जैसे लोगों के नेटवर्क में शामिल होने का मतलब है अपनी जिंदगी तबाह करना! खासकर माता-पिता को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उनके बच्चे किसी की बातों के बहकावे में न आएं और ऐसी कोई हरकत न कर बैठें जो उन्हें जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दे.
इस मामले में पाकिस्तान की नकेल भी कसना जरूरी है. जैसे ही इस बात का प्रमाण हमें मिलता है कि पाकिस्तान में बैठा कोई व्यक्ति भारत में टेरर नेटवर्क के लिए नियुक्तियां कर रहा है, हमें पूरे प्रमाण सहित दुनिया को बताना चाहिए कि यह आतंकवादी मुल्क किसी देश को शांति से नहीं रहने देना चाहता और सबसे बड़ा दुर्भाग्य है कि यह सारी हरकतें धर्म के नाम पर करता है. यदि पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता है तो हमें भी वही करना चाहिए जो गुनहगारों के लिए इजराइल करता है.