इंदौर: मध्य प्रदेश के देवास जिले में एबी रोड पर टोंककलां के पास स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में गुरुवार सुबह 10:30 बजे अज्ञात कारणों से भीषण धमाका हो गया। धमाके से आग लगने के कारण 3 श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 23 से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए। धमाके की तीव्रता इतनी जबरदस्त थी कि मृतकों के शव और मांस के लोथड़े हवा में उड़कर सड़क पर बिखर गए।
पुलिस जांच में फैक्ट्री में 18 साल से कम उम्र के कई किशोरों के बाल श्रम का भी खुलासा हुआ है। देवास शहर से लगभग 20 किमी दूर स्थित इस फैक्ट्री में सुबह काम शुरू ही हुआ था कि एक कमरे में अचानक धमाका हो गया। आसपास के इलाकों में धमाकों की गूंज सुनाई दी, जिससे लोग घरों में सहम उठे। फैक्ट्री के शेड के टीन के टुकड़े हाईवे पर गिर पड़े।
मोटे धुएं के गुबार में 500 से अधिक श्रमिक फंस गए। धमाके के बाद फैक्ट्री में आग की लपटें भड़क उठीं, जिससे श्रमिक इधर-उधर भागने लगे। मरने वालों में धीरज, सनी और सुमित शामिल हैं—सभी बिहार के अररिया जिले के निवासी। घायलों में गोल्डी, निरंजन, अभिषेक, विशाल, गुड्डू, मनजीत, अजय पासवान, अमित, रोशन, राम सहित 15 को इंदौर के चोइथराम और अमलतास अस्पतालों में रेफर किया गया।
इनमें से 6 से अधिक श्रमिक 80 प्रतिशत से ज्यादा झुलसे हैं। जिला अस्पताल में सुबह 11:25 बजे पहला घायल पहुंचा। बचने वाले बिहारी श्रमिक विपिन कुमार ने बताया, "मैं मशीन पर काम कर रहा था। 20 मीटर दूर धमाका हुआ। झुलसे हुए साथियों को देखा, लेकिन आधे घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची।" पुलिस जांच में पुष्टि हुई कि फैक्ट्री में कई किशोर श्रमिक 18 साल से कम उम्र के थे।
फैक्ट्री मालिक दिल्ली का निवासी बताया जा रहा है, जबकि ठेकेदार बिहार के अररिया का छोटू है। श्रमिकों को 12 घंटे की शिफ्ट, 15 हजार रुपये मासिक वेतन और वहीं रहने की सुविधा दी जाती थी। दो माह पहले भी फैक्ट्री में छोटी आग लग चुकी थी, लेकिन सुरक्षा उपायों की अनदेखी की गई। यह हादसा अवैध संचालन, बाल श्रम और सुरक्षा मानकों की जमकर उपेक्षा की कहानी बयां कर रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही संभागायुक्त आशीष सिंह, डीआईजी, कलेक्टर, एडीएम व एसडीएम मौके पर पहुंचे। राहत कार्य तेज कर दिए गए। आग बुझाने के बाद सैनिटाइजेशन का काम शुरू हुआ। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस फैक्ट्री मालिक व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के लिए लाइसेंस व अन्य दस्तावेजों की जांच में जुट गई है। जांच पूरी होने पर और खुलासे होने की संभावना है।