आराः बिहार में भोजपुर-बक्सर के प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र सीट से विधान पार्षद के लिए हुए उपचुनाव में राजद के सोनू राय ने जदयू प्रत्याशी कन्हैया प्रसाद को करारी शिकस्त दी है. इसी के साथ तेजस्वी यादव ने एनडीए से मिली हार का बदला ले लिया है. मतगणना के दौरान भी दोनों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली. लेकिन आखिर में सोनू कुमार राय ने बढ़त बनाते हुए जीत दर्ज की. मतगणना पूरी होने के बाद उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल देखने को मिला. जीत की घोषणा होते ही कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटी और जमकर जश्न मनाया.
बता दें कि मतगणना केंद्र के बाहर सुबह से ही समर्थकों की भीड़ लगी रही. जैसे ही नतीजा आया, महागठबंधन समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी. कार्यकर्ताओं ने इसे जनता की जीत बताया और कहा कि लोगों ने विकास और स्थानीय मुद्दों को देखते हुए महागठबंधन पर भरोसा जताया है. जीत के बाद सोनू कुमार राय ने जनता, जनप्रतिनिधियों और समर्थकों का धन्यवाद किया.
उन्होंने कहा कि वे सभी को साथ लेकर क्षेत्र के विकास के लिए काम करेंगे. मतगणना चुनाव पर्यवेक्षक और जिला निर्वाचन पदाधिकारी तनय सुल्तानिया की निगरानी में हुई. सबसे पहले मतपेटियां खोली गईं और फिर मतपत्रों को अलग-अलग बंडलों में बांटने का काम शुरू हुआ. इस चुनाव में कुल 6 उम्मीदवार मैदान में थे. मतगणना केंद्र के बाहर प्रत्याशियों के समर्थकों की भीड़ लगी हुई थी.
भोजपुर-सह-बक्सर स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र सीट पर मंगलवार को मतदान हुआ था. निर्वाचन आयोग के मुताबिक इस उपचुनाव में 97.96 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. यह सीट जदयू नेता राधा चरण साह के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी. इस चुनाव में कुल 6,086 मतदाता थे, जिनमें 2,832 पुरुष और 3,254 महिला मतदाता शामिल हैं.
मैदान में जदयू के कन्हैया प्रसाद, राजद के सोनू कुमार राय समेत 6 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे थे. बताया जा रहा है कि महागठबंधन समर्थित राजद उम्मीदवार सोनू राय ने 300 से ज्यादा वोटों से दर्ज जीत की है. वहीं एनडीए समर्थित जेडीयू प्रत्याशी कन्हैया प्रसाद की हार के पीछे उनकी पार्टी के ही बागी नेता मनोज कुमार उपाध्याय का हाथ बताया जा रहा है.
मनोज कुमार के निर्दलीय लड़ने से एनडीए का वोट बंट गया और इसका सीधा फायदा राजद उम्मीदवार सोनू राय को मिला. जानकारी के मुताबिक, मतगणना के दौरान 5,335 वोट वैलिड पाए गए. प्रथम वरीयता में इन वोटों की गिनती के बाद सोनू राय ने 341 वोटों से बढ़त हासिल कर ली थी. दूसरी वरीयता में भी उनकी बढ़त बरकरार रही और अंत में उन्हें विजयी घोषित कर दिया गया.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के लिए इसे बड़ा झटका कहा जा सकता है, क्योंकि उनके मुख्यमंत्री बनते यह पहला चुनाव था, जिसमें तेजस्वी यादव की रणनीति ने एनडीए उम्मीदवार को चारो खाने चित्त कर दिया. ऐसे में नीतीश कुमार की पार्टी जदयू को भी इस उपचुनाव से झटका लगा है.
यह सीट पहले जदयू के पास थी और विधान पार्षद राधाचरण साह के विधायक बनने के बाद खाली हुई थी. पार्टी ने इस सीट पर राधाचरण साह के बेटे कन्हैया प्रसाद को अपना उम्मीदवार बनाया था. वहीं तेजस्वी ने इस सीट से विधान पार्षद रह चुके लालदास राय के बेटे सोनू राय को मैदान में उतारा था.
बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग केस में कन्हैया प्रसाद को ईडी ने सितंबर 2023 में गिरफ्तार किया था और वे 9 महीने जेल में भी रहे थे. वहीं दूसरी ओर सोनू राय बेदाग छवि के नेता माने जाते हैं. इस बात का उन्हें फायदा मिला.