महाराष्ट्र, गुजरात, मप्र, राजस्थान, असम, दिल्ली, बिहार, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और बंगाल के सीएम ने काफिले के वाहन की संख्या की कम?, पीएम मोदी की अपील पर अमल?
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 13, 2026 22:14 IST2026-05-13T21:49:00+5:302026-05-13T22:14:31+5:30
प्रधानमंत्री की हालिया घरेलू यात्राओं के दौरान उनके काफिले में शामिल वाहनों की संख्या कम की गई।

महाराष्ट्र, गुजरात, मप्र, राजस्थान, असम, दिल्ली, बिहार, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और बंगाल के सीएम ने काफिले के वाहन की संख्या की कम?, पीएम मोदी की अपील पर अमल?
नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पेट्रोलियम पदार्थों से चलने वाले वाहनों के इस्तेमाल में कमी लाने और मितव्ययिता उपाय अपनाने की अपील करने के कुछ दिन बाद अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या काफी कम कर दी है। उनके आह्वान के बाद भाजपा-शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और अन्य नेताओं ने भी इसी तरह का कदम उठाया है और अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या में कटौती की है।
𝐏𝐌 𝐌𝐨𝐝𝐢’𝐬 𝐩𝐨𝐰𝐞𝐫𝐟𝐮𝐥 𝐚𝐩𝐩𝐞𝐚𝐥 𝐢𝐬 𝐭𝐮𝐫𝐧𝐢𝐧𝐠 𝐰𝐨𝐫𝐝𝐬 𝐢𝐧𝐭𝐨 𝐚𝐜𝐭𝐢𝐨𝐧. 🇮🇳
— BJP (@BJP4India) May 13, 2026
BJP and NDA leaders are stepping out of their convoys and onto metros and public transport, leading by example for a greener and more fuel-efficient future. 🚇🚌
𝐍𝐨𝐭… pic.twitter.com/rVKk1cvSvr
PM Modi has always led by example, and he is doing it once again.
— BJP (@BJP4India) May 13, 2026
By using just two cars, he is showing that real leadership is demonstrated through action and public trust is built through conduct.
His simplicity, discipline, and commitment to nation-first governance continue… pic.twitter.com/vPX7EbrTin
सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री की हालिया घरेलू यात्राओं के दौरान उनके काफिले में शामिल वाहनों की संख्या कम की गई। हालांकि, विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) के प्रोटोकॉल के अनुसार आवश्यक सुरक्षा प्रबंधों को बरकरार रखा गया है। हैदराबाद में मितव्ययिता उपायों के संबंध में दिए गए प्रधानमंत्री के भाषण के तुरंत बाद गुजरात और असम में काफिले में कारों की संख्या को कम कर दिया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने, जहां भी संभव हो, अपने काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को शामिल करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि इसके लिए नए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने से मना किया है। सूत्रों ने इस बात पर जोर दिया कि ईंधन बचाने, जहां संभव हो वहां घर से काम करने और विदेशी मुद्रा के अनावश्यक तौर पर देश के बाहर जाने वाले प्रवाह को कम करने के लिए मोदी की अपील वैसे ‘‘मितव्ययिता उपाय’’ नहीं हैं, जिसका नकारात्मक आर्थिक अर्थ होता है। ‘‘मितव्ययिता उपायों’’ का तात्पर्य आमतौर पर बजट में कटौती, सरकारी खर्च में कमी, सब्सिडी में कमी और राजकोषीय सख्ती है।
#WATCH | Delhi: Following Prime Minsiter Narendra Modi's appeal, Union Home Minister Amit Shah also downsized his convoy, reducing it to less than half.
— ANI (@ANI) May 13, 2026
Visuals of Union HM leaving his residence. pic.twitter.com/yQQgYGOIlu
लेकिन सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री की अपील कम खर्च करने को लेकर नहीं है, बल्कि यह ईंधन की खपत कम करके, आयातित वस्तुओं पर अनावश्यक निर्भरता कम करके और विदेशी मुद्रा पर निर्भर सेवाओं को कम करके अधिक समझदारी से खर्च करने के संदर्भ में है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार पूंजीगत व्यय, कल्याणकारी खर्च या सब्सिडी में कटौती नहीं कर रही है।
इस बीच, प्रधानमंत्री ने आज अपनी अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान मंत्रियों से कहा कि पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर उन्हें लागत में कटौती पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और संसाधन खर्च में समझदारी से कमी लानी चाहिए। मंत्रियों से काफिले के आकार और विदेश यात्राओं में कटौती करने का भी आग्रह किया, जिसके बाद कई मंत्रियों ने इस संबंध में कदम उठाने की घोषणा की।
प्रधानमंत्री @narendramodi जी,
— Sushant Sinha (@SushantBSinha) May 13, 2026
आपको ये नहीं करना चाहिए। एक लीडर के तौर पर “लीडिंग फ्रॉम द फ्रंट” का आपका भाव हमेशा से देश को मोटीवेट करता आया है लेकिन इसके लिए अपनी सुरक्षा में कमी का निर्णय सही नहीं।
खालिस्तानी, पाकिस्तानी, आतंकी, देश विरोधी.. लंबी लिस्ट है जिनसे आपको खतरा है।… pic.twitter.com/kPE2XdLoyF
प्रधानमंत्री की अपील के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने और राज्य के मंत्रियों के काफिले में चलने वाले वाहनों की संख्या तत्काल आधी करने का निर्देश दिया है। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि ईंधन की खपत कम करें और वैश्विक हालात को देखते हुए सोने की अनावश्यक खरीद से बचें। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या घटा दी।
यादव ने कहा, ‘‘अगले आदेश तक, सुरक्षा की दृष्टि से मेरे काफिले में वाहनों की न्यूनतम संख्या होगी और कोई वाहन रैली नहीं होगी। सभी मंत्री भी यात्रा के दौरान अपने काफिले में वाहनों की संख्या में कटौती करेंगे।’’ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी मंत्रियों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सरकारी वाहनों की संख्या में कमी लाने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं सभी दिल्लीवासियों से आग्रह करती हूं कि वे भी प्रधानमंत्री जी के इस आह्वान का पालन करते हुए ऊर्जा संरक्षण के इस राष्ट्रीय प्रयास में सहभागी बनें।’’ राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी निर्देश दिया कि उनके काफिले में वाहनों की संख्या कम से कम रखी जाए और अनावश्यक तौर पर वाहनों का इस्तेमाल न किया जाए, विशेषकर सुरक्षा उद्देश्यों के लिए।
उन्होंने मुख्य सचिव समेत सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी इसी तरह की प्रक्रियाओं का पालन करने का निर्देश दिया। महाराष्ट्र सरकार ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिया है कि आधिकारिक यात्रा के लिए विमान का इस्तेमाल करने से पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अनुमति ली जाए। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ऊर्जा संरक्षण के लिए इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग करना शुरू कर दिया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, शिवसेना से जुड़े सभी मंत्रियों को गैर-जरूरी यात्रा कम करने और आधिकारिक आवागमन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों की संख्या घटाने का सुझाव दिया गया है।गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने घोषणा की कि वह गुजरात में हेलीकॉप्टर और विमानों से यात्रा करने के बजाय ट्रेन, राज्य परिवहन की बसों और सार्वजनिक परिवहन के संसाधनों से यात्रा करेंगे।
ईंधन की बचत के लिए उनके सरकारी वाहनों के काफिले को भी छोटा किया जाएगा। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने प्रधानमंत्री की अपील के बाद अपनी प्रस्तावित अमेरिका यात्रा रद्द कर दी है। बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने ऐलान किया कि उन्होंने अपने काफिले के वाहनों की संख्या स्वयं कम करके आधी कर दी है और जरूरी होने पर ही आधिकारिक यात्रा करेंगे।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि उनकी सरकार पश्चिम एशिया संघर्ष के राज्य पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए दो दिन के भीतर एहतियाती उपायों की घोषणा करेगी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि उन्होंने अपने काफिले का आकार कम कर दिया है और भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने लोक भवन को ‘ईंधन संरक्षण क्षेत्र’ घोषित किया और विश्वविद्यालयों से इस संरक्षण आंदोलन का नेतृत्व करने की अपील की। पश्चिम एशिया संकट के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई द्वारा आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए मितव्ययिता अपनाने पर जोर दिया था।
प्रधानमंत्री ने पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने, शहरों में मेट्रो रेल सेवाओं का उपयोग करने, कार पूलिंग अपनाने, इलेक्ट्रिक वाहनों के अधिक इस्तेमाल, पार्सल ढुलाई के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करने और ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम करने) को बढ़ावा देने का सुझाव दिया था।