500000 रुपये लेते थे एडवांस?, पावापुरी मेडिकल कॉलेज में द्वितीय वर्ष का छात्र उज्जवल कर रहा था संचालन, पुलिस ने 7 को दबोचा, पूर्व सीएम नीतीश के गृह जिले नालंदा से जुड़ा नेटवर्क
By एस पी सिन्हा | Updated: May 13, 2026 16:22 IST2026-05-13T16:20:04+5:302026-05-13T16:22:19+5:30
NEET exam cancelled 2026: पावापुरी मेडिकल कॉलेज में द्वितीय वर्ष का छात्र उज्जवल उर्फ राजा बाबू इस पूरे गिरोह का संचालन कर रहा था.

file photo
पटनाः नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के द्वारा नीट- 2026 परीक्षा को रद्द करने के बाद अब इस मामले में लगातार नए-नए चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं. जांच में खुलासा हुआ है कि यह पूरा नेटवर्क पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा से जुड़ा हुआ है, जहां पावापुरी मेडिकल कॉलेज का एक छात्र इस पूरे सॉल्वर गैंग का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. यहां से फिलहाल 7 छात्र को गिरफ्तार किया गया है। यह लोग एमबीबीएस के छात्र बताए जा रहे हैं। पुलिस जांच के अनुसार, पावापुरी मेडिकल कॉलेज में द्वितीय वर्ष का छात्र उज्जवल उर्फ राजा बाबू इस पूरे गिरोह का संचालन कर रहा था.
बताया जा रहा है कि वह पिछले तीन वर्षों से लगातार परीक्षा में असफल हो रहा था, जिसके बाद उसने परीक्षा प्रणाली को ही चकमा देने की खतरनाक साजिश रच डाली. धीरे-धीरे उसने एक संगठित सॉल्वर नेटवर्क तैयार किया, जो नीट जैसी कठिन परीक्षा में पास कराने के नाम पर लाखों रुपये की वसूली करता था.
सूत्रों के मुताबिक, इस गैंग द्वारा अभ्यर्थियों से शुरुआत में 2 से 5 लाख रुपये एडवांस लिए जाते थे. इसके बाद परीक्षा केंद्रों पर असली उम्मीदवार की जगह सॉल्वर बैठाने की पूरी व्यवस्था की जाती थी. आरोप है कि आरोपी अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, सर्टिफिकेट और जरूरी दस्तावेज भी अपने पास रख लेते थे, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी सामने न आ सके और पूरा खेल बिना किसी रुकावट के चलता रहे.
इस बीच पावापुरी से गिरफ्तार एमबीबीएस छात्र अवधेश कुमार समेत सात आरोपियों को सीबीआई रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी. जांच एजेंसी इस पूरे नेटवर्क और पेपर लीक से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है. बताया जा रहा है कि 2 मई की रात पावापुरी थाना पुलिस गाड़ी चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान पुलिस ने तीन संदिग्ध लोगों को पकड़ा था.
इनमें नालंदा के पावापुरी मेडिकल कॉलेज का एमबीबीएस छात्र अवधेश कुमार भी शामिल था. पुलिस ने जब गाड़ी और मोबाइल की जांच की तो कई अहम सुराग मिले थे. मोबाइल से नीट-यूजी परीक्षा से जुड़े दस्तावेज, कई अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड और पैसों के लेन-देन से जुड़ी जानकारी बरामद हुई थी.
इसके बाद नालंदा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, सीतामढ़ी और छपरा से कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया. पूछताछ के बाद सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया था. अब सीबीआई इन सभी को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी और बरामद दस्तावेजों की भी जांच करेगी.
पुलिस ने जिस कार से अवधेश और अन्य युवकों को पकड़ा था, उससे लाखों रुपये नकद भी बरामद किए गए थे. फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. इस तरह मोबाइल की जांच में पुलिस को एडमिट कार्ड, अभ्यर्थियों की चैट और पैसों के लेन-देन से जुड़े अहम सबूत मिले, जिसने पूरे सॉल्वर गिरोह की परतें खोल दी.
हालांकि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताए जा रहे उज्जवल उर्फ राजा बाबू की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. पावापुरी थाना प्रभारी गौरव कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी की तलाश में विशेष टीम गठित की गई है और उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे गिरोह का पूरी तरह से पर्दाफाश कर दिया जाएगा.