UP Heavy Rain: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भयंकर आंधी और मूसलाधार बारिश कहर बनकर लोगों पर टूट पड़ी है। तेज तूफान की वजह से कई पेड़ उखड़ गए और घरों को नुकसान पहुँचा, जिससे कम से कम 89 लोगों की जान चली गई। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, 13 मई को तूफान, बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने जैसी खराब मौसम की घटनाओं के कारण पूरे राज्य में 89 लोगों की मौत हुई, 53 लोग घायल हुए, 114 मवेशियों की जान गई और 87 घरों को नुकसान पहुँचा।
प्रयागराज, भदोही, कानपुर देहात और फतेहपुर जैसे जिलों से बड़े पैमाने पर नुकसान की खबरें मिली हैं। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को तुरंत तेज करें।
सीएम योगी ने राहत का किया ऐलान
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीड़ितों के प्रति किसी भी हाल में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी ज़िलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे तूफ़ान और भारी बारिश से प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलें और यह सुनिश्चित करें कि उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे जान-माल और संपत्ति के नुकसान का तुरंत आकलन करें, और यह सुनिश्चित करें कि प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर मुआवज़ा वितरित कर दिया जाए।
अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश
सीएम योगी द्वारा जारी निर्देशों के बाद, राहत आयुक्त कार्यालय सभी ज़िलों में स्थिति पर लगातार नज़र रख रहा है। इस बीच, प्रशासनिक अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, वरिष्ठ अधिकारियों से कहा गया है कि वे चल रहे बचाव कार्यों की देखरेख के लिए व्यक्तिगत रूप से प्रभावित स्थलों का दौरा करें।
योगी सरकार ने प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी पीड़ित परिवार तक राहत पहुँचाने में कोई देरी न हो। इसके अलावा, बिजली गिरने और तेज तूफान के कारण कई क्षेत्रों में घरों, फसलों और पेड़ों को नुकसान पहुँचा है।
मौजूदा स्थिति को देखते हुए, प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, और जनता से सुरक्षित स्थानों पर रहने का आग्रह किया गया है। सरकार का कहना है कि बचाव और पुनर्वास कार्य युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता जल्द से जल्द पहुँच सके।