नागपुरः एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे के बयान पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुझे भी मार्कर से निशान लगाया गया है, क्या यह मिटाने का तरीका है? चुनाव आयोग को इस मामले की जांच करनी चाहिए और कुछ और तरीका अपनाना चाहिए, वे चाहें तो तेल रंग का इस्तेमाल कर सकते हैं, चुनाव निष्पक्ष होने चाहिए। लेकिन हर बात पर हंगामा करना और सवाल उठाना बहुत गलत है। एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि पहले जो स्याही इस्तेमाल होती थी, उसे नए पेन से बदला जा रहा है और इस नए पेन को लेकर शिकायतें आ रही हैं। हैंड सैनिटाइजर लगाने पर स्याही गायब हो जाती है। अब बस एक ही विकल्प बचा है कि स्याही लगाएं, बाहर जाएं, उसे पोंछें, फिर अंदर आकर दोबारा वोट डालें। चुनाव प्रचार के लिए एक नया नियम लागू कर दिया गया है।
इससे पता चलता है कि सरकार सत्ता में बने रहने के लिए कुछ भी कर सकती है। जब कोई इस तरह के धोखाधड़ी वाले तरीकों से सत्ता में आता है, तो हम इसे चुनाव नहीं कह सकते। मैं जनता, शिवसेना कार्यकर्ताओं और मातोश्री सेना कार्यकर्ताओं से इन सभी बातों के प्रति सतर्क रहने की अपील करता हूं। एक व्यक्ति को दो बार वोट डालते हुए पकड़ा गया।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) अध्यक्ष राज ठाकरे ने बृहस्पतिवार को मुंबई महानगर पालिका चुनाव में अपना वोट डाला और राज्य चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए दावा किया कि सरकार चुनाव में जीत हासिल करने के लिए प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है। दिग्गज खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर, उनकी पत्नी अंजली, बेटी सारा और मुंबई की पूर्व महापौर किशोरी पेडनेकर ने मुंबई में मतदान किया।
ठाकरे ने दादर इलाके में अपने परिवार के सदस्यों, जिनमें उनकी मां कुंडा भी शामिल थीं, के साथ अपना वोट डाला। बाद में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने निकाय चुनावों में ‘प्रिंटिंग ऑक्सिलरी डिस्प्ले यूनिट’ (पीएडीयू) के इस्तेमाल को लेकर राज्य चुनाव आयोग पर निशाना साधा।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख ने आरोप लगाया कि राज्य निर्वाचन आयोग ने पीएडीयू के इस्तेमाल पर कोई स्पष्टीकरण देने की जहमत तक नहीं उठाई और सत्ताधारी दलों को धन वितरण करने देने के लिए मतगणना का समय बढ़ा दिया। उन्होंने दावा किया कि वोट डालने के बाद उंगली पर लगी स्याही को सैनिटाइजर से आसानी से मिटाया जा सकता है।
ठाकरे ने कहा, ‘‘ वे (सरकार) विपक्षी दलों को नहीं चाहते। सरकार पूरा प्रशासन (चुनाव जीतने के लिए) चला रही है। यह स्वस्थ लोकतंत्र की निशानी नहीं है। सत्ता के दुरुपयोग की भी एक सीमा होती है।’’ उन्होंने अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं को चुनाव में प्रतिद्वंद्वी पार्टियों की ओर से किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि किए जाने प्रति सतर्क रहने का निर्देश दिया। राज ठाकरे और शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे साथ मिलकर बीएमसी चुनाव लड़ रहे हैं।
बीएमसी ने मतदाताओं के हाथों से पक्की स्याही के निशान मिटाए जाने की खबरों को खारिज किया
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने बृहस्पतिवार को उन खबरों को खारिज किया जिनमें दावा किया गया है कि निकाय चुनावों के दौरान मतदाताओं की उंगलियों पर लगे पक्की स्याही के निशान मिटाए जा रहे हैं और बीएमसी प्रमुख ने इसे स्वीकार किया है। बीएमसी ने एक बयान में कहा कि मीडिया में आ रहीं ये खबरें तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।
बीएमसी प्रशासन ने कहा, ‘‘ बीएमसी आयुक्त ने मतदान के बाद पक्की स्याही मिटाए जाने के संबंध में कोई बयान नहीं दिया है। इसलिए, मीडिया में प्रसारित हो रही खबरों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।’’ प्रक्रिया के अनुसार, मतदान केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर वोट डालते समय मतदान कर्मचारी मतदाता के बाएं हाथ की एक उंगली पर पक्की स्याही लगाते हैं। मुंबई के 227 वार्डों के लिए 1,700 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। मुंबई भर में कुल 10,231 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं और 64,375 अधिकारियों और कर्मचारियों को ड्यूटी पर तैनात किया गया है।