मुजफ्फरपुरःबिहार में मुजफ्फरपुर जिले के रामपुरहरी थाना क्षेत्र के मकसूदपुर गांव से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 48 घंटे से लापता दो मासूम चचेरी बहनों की हत्या कर दी गई है. शवों के पोस्टमार्टम के दौरान दिल दहलाने वाली बातें उजागर हुई हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, अगवा करने की रात ही दोनों बच्चियों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. मृतका के नाजुक अंगों में खून जमा मिला है, जबकि बाएं हाथ की तीन उंगलियां कटी हुई थीं. इसके अलावा जबड़ा निकला हुआ था और फेफड़े की चार हड्डियां टूटी पाई गईं. इस बर्बरता ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद दुष्कर्म की आशंका प्रबल होने पर वेजाइनल स्वाब सुरक्षित रख लिया गया. बताया जा रहा है कि जिस पोस्टमार्टम में लगे डॉक्टर और कर्मी भी शवों की स्थिति देखकर भावुक हो गए. माना जा रहा है कि गायब होने की रात को ही उनकी हत्या कर दी गई थी. सोमवार को गांव में भुईयां बाबा का पूजा देखने दोनों निकलीं तो घर नहीं लौटी थी.
गुरुवार को उनके शव ईंट-भट्ठे के पास मिले. कहा जा रहा है कि खोजबीन के दौरान लोग यहां भी आए थे पर शव नहीं मिले थे. गुरुवार को परिजनों को शव की सूचना दी गई तो वहां पहुंचे और बच्चों को पहचाना. एक बच्ची की मां ने बताया कि सोमवार सुबह 10 बजे बच्चियों के गायब होने के बाद मंगलवार की शाम तक ईंट-भट्ठे पर उसी जगह 10 बार तलाश की गई, तब वहां लाशें नहीं थी.
ऐसी आशंका है कि हत्या के बाद शव जब सड़ने लगा तो भट्ठा के पास लाकर फेंका गया होगा. मां ने बच्चियों के पेट और सीना चीरने के पीछे अंदरूनी अंग निकाले जाने की भी आशंका जताई है. उसने भट्ठा पर कार्यरत लोगों पर ही घटना में संलिप्तता की आशंका जताई है. परिजनों का कहना है कि दोनों चचेरी बहनें घर के पास सोमवार की सुबह खेल रही थीं,
जब बच्चियां गायब हुईं तो परिजनों को लगा कि घर के बगल में हो रही बख्तोर भूईया बाबा की पूजा में गई होंगी. घर नही लौटीं तब परिजनों ने खोजबीन शुरू की. शव की स्थिति देख पुलिस ने आशंका जताई है कि गायब होने के दिन सोमवार को ही बच्चियों की हत्या की गई होगी. बच्चियों के सिर और पैर में चोट के निशान हैं. गला बुरी तरह रेता हुआ है. हाथ-पैर की हड्डी तक कटी है.
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को पुलिस ने शव सौंप दिया है. यह सनसनीखेज मामला पुलिस के लिए एक अबूझ पहेली बन गया है. एनएच-22 और स्थानीय चिमनी पर लगे सीसीटीवी कैमरों से भी अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है. ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि घटना से एक दिन पहले शाम तक उस स्थान पर कुछ नहीं था, जहां अगले दिन सुबह दोनों के शव बरामद हुए.
सुबह शवों से तेज दुर्गंध आ रही थी, जिससे आशंका जताई जा रही है कि दोनों बहनों की हत्या कहीं और की गई और बाद में सबूत मिटाने के लिए शवों को यहां लाकर फेंक दिया गया. इधर, ग्रामीणों ने पुलिस को आरोपित की गिरफ्तारी के लिए 48 घंटे का समय दिया है. इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दी है.
शव मिलने के बाद घटनास्थल पर पहुंचे परिजनों से पुलिस ने पूछताछ की. इलाके में किसी से दुश्मनी के सवाल पर परिजनों ने कहा कि किसी से ऐसी दुश्मनी नहीं थी कि मासूम बेटियों की बेरहमी से हत्या कर दे. पुलिस फिलहाल एफएसएल टीम की जांच और विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की गुत्थी सुलझाने में जुटी है.