चेन्नई: द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह 23 अप्रैल को हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार की पूरी जिम्मेदारी लेते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में मिली हार के कारणों का विश्लेषण करने और 20 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। स्टालिन ने ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) पर भी निशाना साधते हुए कहा कि द्रमुक इतनी परिपक्व है कि वह अपने विधायकों को किसी रिसॉर्ट में नहीं ठहराएगी।
उन्होंने परोक्ष रूप से अन्नाद्रमुक का संदर्भ दिया, जिसने चार मई को आए विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद अपने नवनिर्वाचित विधायकों को पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में ठहराया था। इन चुनावों में किसी भी दल को अपने दम पर सरकार बनाने के लिए आवश्यक 118 सीटें नहीं मिली थीं।
द्रमुक मुख्यालय ‘अन्ना अरिवलयम’ में पार्टी के जिला सचिवों को संबोधित करते हुए स्टालिन ने कहा कि किसी भी पार्टी ने सरकार बनाने के लिए अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं किया। पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार गठन के दौरान सहयोगियों द्वारा टीवीके को दिए गए बिना शर्त समर्थन का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘गठबंधन सहयोगियों के समर्थन से ही सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में आई है।
उन्होंने वामपंथी दलों, वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन से सरकार बनाई है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पिछले चुनाव परिणाम बताते हैं कि जब भी हम सत्ता से बाहर हुए हमें बहुत कम सीटें मिलीं। लेकिन इस बार हमने 59 सीटें जीती हैं। अगर हमारे सहयोगियों की सीटें भी जोड़ दी जाएं तो यह संख्या 73 तक पहुंच जाती है।’’
चुनावों में जीत और हार को जीवन के उतार-चढ़ाव की तरह स्वाभाविक बताते हुए स्टालिन ने कहा कि द्रमुक अन्य दलों की तुलना में अधिक परिपक्व पार्टी है। उन्होंने अन्नाद्रमुक पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘इसीलिए, अन्य पार्टियों के विपरीत, हमने डर के मारे अपने विधायकों को रिसॉर्ट और स्टार होटलों में नहीं ठहराया, बल्कि हार का सामना करने के लिए पर्याप्त साहस दिखाया।’’
स्टालिन ने कहा कि उन्होंने पिछले पांच वर्षों में अथक परिश्रम किया और यह सुनिश्चित किया कि पिछली द्रमुक सरकार जनता के कल्याण के लिए कार्य करे। उन्होंने कहा, ‘‘लोग इस बात से वाकिफ हैं। सत्ता में वापसी न कर पाने के लिए मैं किसी को दोष नहीं देना चाहता। पार्टी के नेता के तौर पर मैं इस हार की जिम्मेदारी लेता हूं।
जब मैं जीत पर गर्व कर सकता हूं, तो दूसरों को दोष देने के बजाय असफलता की जिम्मेदारी लेने में कोई बुराई नहीं है। यही उचित है।’’ स्टालिन ने अन्नाद्रमुक में फूट का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी के 25 विधायकों ने बुधवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय के शक्ति परीक्षण के दौरान टीवीके सरकार के पक्ष में मतदान किया।
उन्होंने कहा, ‘‘अन्नाद्रमुक का व्यवहार कैसा होगा, यह बताने की कोई आवश्यकता नहीं है। इस स्थिति में आगे क्या होगा, इसका अनुमान लगाना असंभव है। इसलिए, हमें विधानसभा में उचित और प्रभावी ढंग से कार्य करना होगा।’’