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मंदिर हो या मस्जिद, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा-धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की आवाज डेसिबल सीमा से अधिक नहीं हो

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 14, 2026 21:57 IST

आवासीय क्षेत्रों में दिन के समय 55 डेसिबल तक लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति है और रात में सीमा 45 डेसिबल है।

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ठळक मुद्देतेज आवाज से मरीजों, विद्यार्थियों और बुजुर्गों को असुविधा होती है। उल्लंघन के मामलों में पुलिस को कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।ध्वनि नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दे रहा है।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बृहस्पतिवार को पुलिस को निर्देश दिया कि राज्य भर में धार्मिक स्थलों और आयोजनों में निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में ध्वनि प्रदूषण नियमों को बिना किसी अपवाद के सख्ती से लागू करने पर जोर दिया और इनके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की ढिलाई के खिलाफ चेतावनी दी।

राज्य के कई हिस्सों में निवासी वर्षों से त्यौहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान लाउडस्पीकरों से निकलने वाली तेज आवाज की शिकायत करते रहे हैं। इस तेज आवाज से मरीजों, विद्यार्थियों और बुजुर्गों को असुविधा होती है। बैठक में उपस्थित पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की आवाज निर्धारित डेसिबल सीमा से अधिक नहीं हो सकती।

उल्लंघन के मामलों में पुलिस को कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।” राज्य सचिवालय के एक अन्य अधिकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने अब ध्वनि प्रदूषण संबंधी मौजूदा नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है। पर्यावरण अधिकारियों द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार, आवासीय क्षेत्रों में दिन के समय 55 डेसिबल तक लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति है और रात में सीमा 45 डेसिबल है।

अधिकांश धार्मिक स्थल आवासीय क्षेत्रों में स्थित हैं। औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों में अनुमत सीमा थोड़ी अधिक है। सूत्रों के अनुसार, हालांकि विशेष त्यौहारों और अवसरों पर 65 डेसिबल तक की छूट पहले दी गई थी लेकिन नया प्रशासन ध्वनि नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दे रहा है।

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