चतराः झारखंड में चतरा जिले के सदर थाना इलाके से गुरू-शिष्य परंपरा को तार-तार कर देने वाली घटना सामने आई है. जिस शिक्षक पर बच्चों को शिक्षा देने और उनका भविष्य संवारने की जिम्मेदारी होती है, उसी ने एक मासूम छात्रा का यौन शोषण कर गर्भवती बना दिया. तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा के गर्भवती पाए जाने के बाद इस पूरे मामले का खुलासा हुआ, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है. प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के एक अनुसूचित जनजाति आवासीय बालिका प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षक शंकर प्रसाद (50) पर आरोप लगा है कि उसने स्कूल में पढ़ने वाली मासूम बच्ची का लंबे समय यौन शोषण किया. बच्ची इतनी छोटी थी कि वह इस पूरी स्थिति को ठीक से समझ भी नहीं पा रही थी.
जब छात्रा अपने घर लौटी तो उसके व्यवहार और शारीरिक स्थिति में आए बदलाव ने परिजनों को चिंतित कर दिया. ग्रामीण महिलाओं ने सबसे पहले बच्ची के शरीर में असामान्य बदलाव महसूस किया और इस बात की जानकारी परिवार को दी. इसके बाद परिजन तुरंत उसे डॉक्टर के पास ले गए. जब जांच की गई, तो यह पुष्टि हुई कि बच्ची गर्भवती है.
यह सुनते ही परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई और पूरे गांव में यह खबर आग की तरह फैल गई. इसके बाद जब बच्ची से पूछताछ की गई, तो उसने स्कूल के एक शिक्षक पर गंभीर आरोप लगाए. घटना के सामने आते ही ग्रामीणों में जबर्दस्त आक्रोश फैल गया. गुस्साए लोग बच्ची को लेकर स्कूल पहुंचे और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.
स्थिति को बिगड़ता देख स्थानीय प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा. सूचना मिलते ही हंटरगंज थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया. उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है.
आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुट गई है. इस घटना को जिला प्रशासन ने भी बेहद गंभीरता से लिया है. उपायुक्त के निर्देश पर आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए कि पीड़ित छात्रा को न्याय मिल सके, महिला थाना, बाल कल्याण समिति और अन्य संबंधित विभागों को जांच में शामिल किया गया है ताकि जल्द से जल्द बच्ची को इंसाफ मिल सके.