पेट्रोल पंप मालिक ट्रैक्टर में 20 लीटर से अधिक डीजल नहीं दे रहे?, 15 जिलों में भटक रहे किसान
By राजेंद्र कुमार | Updated: May 14, 2026 20:04 IST2026-05-14T20:03:32+5:302026-05-14T20:04:26+5:30
बरेली, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, सीतापुर, बहराइच, महाराजगंज आदि जिलों के ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर खेती होती है.

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लखनऊः उत्तर प्रदेश के किसान इस समय बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि, गेहूं और आलू के बेहतर दाम न मिलने और ट्रैक्टर के लिए पर्याप्त डीजल न मिलने जैसी समस्या से जूझ रहे हैं. लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर, बहराइच, महाराजगंज, बस्ती, कुशीनगर, श्रावस्ती, कानपुर देहात, प्रयागराज, भदोही, चंदौली और मिर्जापुर के ग्रामीण इलाकों को किसानों को ट्रैक्टर के लिए पर्याप्त डीजल नहीं मिल पा रहा है. पेट्रोल पंप मालिक ट्रैक्टर में 20 लीटर से अधिक डीजल नहीं दे रहे है. जिसके चलते धान की खेती में जुटे किसानों परेशान हैं.
डीजल के लिए भटक रहे किसान
डीजल की किल्लत से जूझ रहे सूबे के किसान समझ नहीं पा रहे हैं कि वह अपने खेतों में जुताई कैसे करें. सूबे में हुई बारिश के बाद खेतों में जुताई का काम शुरू होना था, लेकिन ट्रैक्टरों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त डीजल न मिल पाने के कारण खेतों में ट्रैक्टर से जुताई का काम रुका हुआ है. यही नहीं डीजल से चलाने वाले तमाम नलकूप भी ठप हैं.
क्योंकि पेट्रोल पंप मालिक कैन (प्लास्टिक के डिब्बे) में नहीं दे रहे हैं. किसानों का कहना है कि खेती के इस महत्वपूर्ण समय में डीजल की कमी से उनकी पूरी तैयारी प्रभावित हो रही है. बरेली, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, सीतापुर, बहराइच, महाराजगंज आदि जिलों के ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर खेती होती है.
इन जिलों के ग्रामीण इलाको में रहने वाले बड़े किसान 200 से 500 लीटर की टंकी में डीजल लेकर गांव जाने थे और खेती की कार्य में इस डीजल का उपयोग करते थे. लेकिन अब किसानों को ट्रैक्टर के लिए 20 लीटर डीजल भी नहीं मिल पा रहा है. इसके बाद भी पेट्रोल पंपों पर डीजल पाने के लिए ट्रैक्टरों की लाइन लग रही है.
इसे देखते हुए ही लखीमपुर खीरी में एक बड़े फार्महाउस के मालिक आरपी सिंह कहते है, हमारे जिले के ग्रामीण इलाकों के किसान इस वक्त डीजल पाने के लिए भटक रहे है. पेट्रोल पंप के मालिक डीजल न होने की बात कर रहे हैं. ये लोग पेट्रोल पंप पहुंचे हर किसान को 20 लीटर से अधिक डीजल नहीं देते. कह रहे हैं, सभी को डीजल देना है.
समझ में नहीं आ रहा है कि डीजल को लेकर इस तरह की अफरातफरी क्यों है. जिले के डीएम और अन्य अधिकारी भी इस संबंध में किसानों की मदद नहीं कर रहे. सबके सब डीजल और पेट्रोल को किफायत से खर्च करें, यह सलाह दे रहे हैं. अब बिना डीजल से खेत कैसे जोता जाए? यह समझ में नहीं आ रहा.
किसानों को डीजल दिलाएंगे : कृषि मंत्री
फिलहाल सूबे में डीजल की किल्लत से जूझ रहे किसानों की इस समस्या को लेकर सूबे के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा राज्य में डीजल-पेट्रोल की कमी नहीं है. वह सकता है कि कुछ पेट्रोल पंपों पर डीजल की कमी के चलती किसानो के ट्रैक्टरों के लिए डीजल नहीं मिल पाया होगा?
हम पता करेंगे और किसानों को डीजल मिले यह सुनिश्चित करेंगे. यह दावा करते हुए उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपने वाहन की फ्लीट आधी कर दी है. कृषि मंत्री के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी के निर्देश पर अब सूबे के सभी मंत्रियों ने अपनी वाहनों की फ्लीट आधी कर दी है, ताकि पेट्रोल और डीजल के खर्च को कम किया जा सके।