लाइव न्यूज़ :

भारतीय नौसेना को मध्यम दूरी की एंटी-शिप मिसाइल खरीदने की मंजूरी मिली, वर्तमान और भविष्य के युद्धपोतों पर तैनात किया जाएगा

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: December 1, 2023 16:39 IST

भारतीय नौसेना के शस्त्रागार में एमआरएएसएचएम के शामिल होने से इसकी आक्रामक क्षमताओं में काफी वृद्धि होगी। मिसाइल की बढ़ी हुई रेंज, सटीकता और जहाज-रोधी युद्ध क्षमताएं भारतीय नौसेना की क्षमता को मजबूत करेंगी।

Open in App
ठळक मुद्देएमआरएएसएचएम को वर्तमान और भविष्य के युद्धपोतों पर तैनात किया जाएगाएमआरएएसएचएम एक स्वदेशी रूप से विकसित हल्की सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल है डीएसी ने इन उन्नत मिसाइलों की खरीद के लिए आवश्यकता की स्वीकृति (एओएन) प्रदान की है

नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक  30 नवंबर, 2023 को हुई। इस बैठक में देश की सेनाओं को और भी ज्यादा ताकतवर बनाने के लिए कई फैसले किए गए। इस बैठक में अपनी आक्रामक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए भारतीय नौसेना को मध्यम दूरी की एंटी-शिप मिसाइल (एमआरएएसएचएम) की खरीद के लिए रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) से हरी झंडी मिली। डीएसी ने इन उन्नत मिसाइलों की खरीद के लिए आवश्यकता की स्वीकृति (एओएन) प्रदान की है।

क्या है एमआरएएसएचएम

मध्यम दूरी की एंटी-शिप मिसाइल (एमआरएएसएचएम) एक स्वदेशी रूप से विकसित हल्की सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल है। यह भारतीय नौसेना के जहाजों पर प्राथमिक आक्रामक हथियार के रूप में काम करेगी। इसे युद्धपोतों, व्यापारिक जहाजों और दुश्मन के ठिकानों सहित  कई प्रकार के लक्ष्यों पर हमला करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

एमआरएएसएचएम को वर्तमान और भविष्य के युद्धपोतों पर तैनात किया जाएगा। तीन दिल्ली श्रेणी के विध्वंसक, चार कोरा श्रेणी के मिसाइल कार्वेट और छह नई अगली पीढ़ी के मिसाइल वेसल्स पर ये आधुनिक आथियार फिट किया जाएगा। इन मिसाइलों का उद्देश्य वर्तमान में इन जहाजों पर लगे पुराने ज़्वेज़्दा ख-35 यूरेन एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम को बदलना है। 

भारतीय नौसेना के शस्त्रागार में एमआरएएसएचएम के शामिल होने से इसकी आक्रामक क्षमताओं में काफी वृद्धि होगी। मिसाइल की बढ़ी हुई रेंज, सटीकता और जहाज-रोधी युद्ध क्षमताएं भारतीय नौसेना की क्षमता को मजबूत करेंगी। 

अन्य अहम फैसले

भारत सरकार ने सशस्त्र बलों की समग्र लड़ाकू क्षमता को बढ़ावा देने के लिए 97 तेजस हल्के लड़ाकू विमानों और लगभग 150 प्रचंड हेलीकॉप्टर की अतिरिक्त खेप की खरीद के लिए प्रारंभिक  मंजूरी दे दी है। राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने अपने सुखोई-30 लड़ाकू बेड़े को उन्नत करने के लिए भारतीय वायु सेना के एक प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। मेगा खरीद परियोजनाओं और सुखोई-30 उन्नयन कार्यक्रम से सरकारी खजाने पर 1.3 लाख करोड़ रुपये की लागत आने की उम्मीद है। 

बता दें कि तेजस विमान का पहला संस्करण 2016 में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था और वर्तमान में, वायुसेना की दो स्क्वाड्रन एलसीए तेजस के साथ पूरी तरह से परिचालन में हैं। एलसीए एमके 2 के विकास के लिए 9,000 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी गई है जो एलसीए तेजस का अद्यतन एवं अधिक घातक संस्करण है।  जून 2023 में मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान भारत में जीई इंजन के निर्माण के लिए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर अमेरिकी कंपनी के साथ बातचीत की गई थी।इसका उद्देश्य विमान के इंजन सहित स्वदेशीकरण को और बढ़ावा देना है। 

टॅग्स :भारतीय नौसेनाDefenseमिसाइलDefense Forces
Open in App

संबंधित खबरें

विश्वUAE के फुजैराह हमले पर पीएम मोदी का सख्त रुख, बोले- "भारत यूएई के साथ पूरी तरह एकजुट"

विश्वIsrael-Hezbollah War: हिजबुल्लाह का भीषण प्रहार, 24 घंटों में इजरायली ठिकानों पर 39 बार किया हमला

विश्वडोनाल्ड ट्रंप ने दी चीन को चेतावनी, कहा- 'ईरान की मदद करने पर भुगतना होगा अंजाम'

विश्वइस ड्रोन और उस ड्रोन में कितना फर्क है...!

विश्वUS-Israel-Iran War: ट्रंप का दावा- "तेहरान हमले में ईरानी सैन्य नेता ढेर", IDF ने हिज्बुल्लाह और ईरान के 200 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना

भारत अधिक खबरें

भारतदिल्ली में सफर पर लगेगा ब्रेक? 21 मई से तीन दिन तक ऑटो-टैक्सी की हड़ताल, किराया बढ़ाने की मांग पर अड़े ड्राइवर

भारतकुत्तों के काटने की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता?, सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों और अस्पतालों के पास आवारा कुत्तों को हटाने के आदेश को बरकरार रखा?

भारतदीदी का डिजाइन, सुवेंदु का एक्शन; साल्ट लेक स्टेडियम से हटेगी ममता बनर्जी द्वारा बनाई गई फुटबॉल की मूर्ति

भारतDelhi Traffic Update: दिल्ली वाले ध्यान दें! 19 मई को ट्रैफिक जाम से बचना है, तो इन रास्तों का करें इस्तेमाल

भारतभविष्य के लिए ये कैसी पौध तैयार कर रहे हैं हम ?