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आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर विवाद, जगह हो तय, दिल्ली उच्च न्यायालय ने एडब्ल्यूबीआई से दखल देने को कहा

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 27, 2021 20:44 IST

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने वसंत कुंज के ई-2 ब्लॉक के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) द्वारा डाली जा रही ‘‘अड़चन’’ के खिलाफ पशु प्रेमियों द्वारा दाखिल एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।

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ठळक मुद्देवसंत कुंज के एक सेक्टर के निवासियों और पशु प्रेमियों के बीच विवाद के मामले में दखल देने को कहा है।अदालत ने एडब्ल्यूबीआई को उन स्थानों को चिह्नित करने को कहा है जहां पर कुत्तों को खिलाया जा सकता है।आदेश में एडब्ल्यूबीआई को कुत्तों को खाना देने के लिए कॉलोनियों में जगह चिह्नित करने का निर्देश दिया था।

नई दिल्लीः दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (एडब्ल्यूबीआई) से, आवारा कुत्तों को खिलाने को लेकर राष्ट्रीय राजधानी के वसंत कुंज के एक सेक्टर के निवासियों और पशु प्रेमियों के बीच विवाद के मामले में दखल देने को कहा है।

अदालत ने एडब्ल्यूबीआई को उन स्थानों को चिह्नित करने को कहा है जहां पर कुत्तों को खिलाया जा सकता है ताकि आसपास के क्षेत्र में ‘‘शांति और सद्भाव’’ की स्थिति कायम रहे। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने वसंत कुंज के ई-2 ब्लॉक के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) द्वारा डाली जा रही ‘‘अड़चन’’ के खिलाफ पशु प्रेमियों द्वारा दाखिल एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।

अधिवक्ता अभीक चिमनी द्वारा दाखिल याचिका में अदालत को बताया गया कि जब भी वे सड़कों पर रहने वाले कुत्तों को खाना देने का प्रयास करते हैं तो स्थानीय निवासी इसमें रुकावट डालते हैं। न्यायमूर्ति सिंह ने कहा कि उच्च न्यायालय ने 2009 में एक आदेश में एडब्ल्यूबीआई को कुत्तों को खाना देने के लिए कॉलोनियों में जगह चिह्नित करने का निर्देश दिया था।

अदालत ने कहा, ‘‘ऐसा प्रतीत होता है कि स्थान चिह्नित करने पर सहमति नहीं बन पायी। आरडब्ल्यूए को आशंका है कि ब्लॉक के खुले क्षेत्र में बच्चे और बुजुर्ग निवासी भी घूमते-टहलते हैं इससे उन्हें दिक्कतें हो सकती हैं।’’ अदालत ने निर्देश दिया कि, ‘‘क्षेत्र में शांति और सद्भाव कायम रखने के लिए एडब्ल्यूबीआई आठ मार्च को दो प्रतिनिधियों को भेजकर आरडब्ल्यूए और याचिकाकर्ताओं के साथ बैठक करेगा।’’

बैठक के दौरान निवासियों से बात कर कुत्तों को भोजन देने के लिए ऐसे स्थान को चिह्नित किया जाएगा, जहां पर बच्चे, वरिष्ठ नागरिक नहीं आते-जाते। इस निर्देश के साथ अदालत ने पशुप्रेमियों की याचिका का निपटारा कर दिया। 

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