लाइव न्यूज़ :

आवासीय क्षेत्रों में धरना प्रदर्शन की अनुमति देना गलत परंपरा डाल सकता है : अदालत

By भाषा | Updated: December 17, 2020 16:04 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 17 दिसंबर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के यहां स्थित घर के बाहर जारी धरना प्रदर्शन पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को चिंता जताई और कहा कि आवासीय क्षेत्र में इस प्रकार के प्रदर्शन की अनुमति देने से गलत परंपरा की शुरूआत हो जाएगी।

न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने आज कहा कि भले ही धरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण है लेकिन अगर यह एक नजीर बन जाएगी तो कोई भी यहां आकर बैठ जाएगा जिस प्रकार लोग जंतर मंतर या रामलीला मैदान जैसे धरना प्रदर्शन स्थलों पर जाकर बैठ जाते हैं।

अदालत ने कहा, “आप आएं प्रदर्शन करें और चले जाएं तो कोई समस्या नहीं है। लेकिन यह 11 दिन से लगातार चल रहा है। एक बार इस प्रकार का उदाहरण स्थापित हो गया तो कोई भी यहां आकर बैठ जाएगा। अगर हमेशा के लिए इसकी अनुमति दे दी जाती है तो आपको पता है कि रामलीला मैदान और जंतर मंतर जैसे प्रदर्शन स्थलों की क्या हालत है। हम एक आवासीय कॉलोनी में वैसी स्थिति नहीं होने देंगे।”

अदालत, सिविल लाइन्स रेजिडेंट एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

याचिका में कहा गया है कि मुख्यमंत्री आवास के बाहर 11 दिन से चल रहे धरना प्रदर्शन से सड़क पर व्यवधान उत्पन्न हो रहा है और वहां के निवासियों को असुविधा हो रही है।

दिल्ली के तीन नगर निगमों के महापौर बकाया राशि के मुद्दे पर केजरीवाल के घर के बाहर धरने पर बैठे हैं।

सुनवाई के दौरान अदालत में कहा गया कि क्षेत्र में टेंट लग गए हैं और ऐसी खबरें आ रही हैं जिनके अनुसार महापौर धरना प्रदर्शन स्थल से ही कामकाज शुरू करने वाले हैं।

अदालत ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि वहां से कार्यालय का कामकाज कैसे किया सकता है और धरने पर बैठे लोग शौच आदि के लिए कहां जा रहे हैं।

उच्च न्यायालय ने कहा कि विरोध प्रदर्शन मौलिक अधिकार है लेकिन लोग किसी आवासीय क्षेत्र में नहीं बैठ सकते।

इस बीच मुख्यमंत्री के आवास के पास रहने वाले एक व्यक्ति ने अदालत में बताया कि प्रदर्शनकारियों की ओर से कोई हस्तक्षेप या परेशानी नहीं खड़ी की जा रही है और केजरीवाल के घर के सामने की सड़क पर कोई व्यवधान नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी, पास में स्थित अंबेडकर स्मारक में बने शौचालय का प्रयोग कर रहे हैं।

अदालत ने मामले की सुनवाई को शुक्रवार के लिए टाल दिया।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटतिलक वर्मा की कप्तानी में श्रीलंका दौरे पर जाएंगे वैभव सूर्यवंशी?, भारतीय 'ए' टीम में शामिल, देखिए  ट्राई-सीरीज़ के लिए इंडिया ए टीम

भारत22 से कम हैं 63?, केरलम में अगले 5 साल तक मुस्लिम लीग शासन?, भाजपा ने साझा किए ‘मीम’

भारतपशु को मारने से पहले स्वस्थ होने का प्रमाणपत्र अनिवार्य?, बंगाल सरकार ने कहा- खुले-सार्वजनिक स्थान पर पशु वध पर सख्ती से रोक?

कारोबार9 साल में 3,21,963 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य का भुगतान, नंबर-1 पर उत्तर प्रदेश, 2025-26 में 29.51 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती कर इतिहास रचा?

क्राइम अलर्ट2 चचेरी बहनों की हत्या, मृतका के नाजुक अंगों में खून जमा, बाएं हाथ की 3 उंगलियां कटी, जबड़ा निकला हुआ और फेफड़े की 4 हड्डियां टूटी मिली?, किसने की बर्बरता?

भारत अधिक खबरें

भारतचारधाम यात्राः 38 तीर्थयात्रियों की मृत्यु?, चारों धामों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, कुल 12.60 लाख से अधिक दर्शन

भारततमिलनाडु विधानसभा चुनाव में हार की पूरी जिम्मेदारी मेरी, द्रमुक अध्यक्ष स्टालिन ने कहा- समिति का गठन, 20 दिन में रिपोर्ट दीजिए?

भारतक्या है फेस रिकग्निशन सिस्टम?, यूपी के पंचायत चुनाव में लागू, जानें कैसे करेगा काम?

भारतदिल्ली सरकारः सप्ताह में सोमवार को मंत्री, अधिकारी मेट्रो से जाएंगे ऑफिस, 2 दिन WFH, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा- 6 महीनों तक पेट्रोल, डीजल या इलेक्ट्रिक वाहन की कोई नई खरीद नहीं

भारतउत्तर प्रदेश में भारी बारिश-तूफान से 100 लोगों की मौत, प्रयागराज में 21, भदोही में 18, मिर्जापुर में 15, फतेहपुर में 10 की मौत, पेड़-बिजली के खंभे उखड़े और कई घर क्षतिग्रस्त