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बिहार में 'चमकी' बुखार से अब तक 110 बच्चों की मौत, डॉक्टर से जानें बचने के 4 उपाय

By उस्मान | Updated: June 17, 2019 16:38 IST

बिहार में 'चमकी' बुखार और गर्मी ने कहर बरपाया हुआ है। मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों में चमकी बुखार से 110 लोगों की मौत हो गई है। इतना ही नहीं लगभग 500 बच्चे अभी भी जिंदगी-मौत की जंग लड़ रहे हैं।

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बिहार में 'चमकी' बुखार और गर्मी ने कहर बरपाया हुआ है। मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों में चमकी बुखार से 110 लोगों की मौत हो गई है। इतना ही नहीं लगभग 500 बच्चे अभी भी जिंदगी-मौत की जंग लड़ रहे हैं। एईस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) से मोतिहारी, गया और पूर्वी चंपारण जिले भी चपेट में आ गए हैं। इधर राज्य में गर्मी से भी सैकड़ों लोगों की मौत हो गई है। गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए 22 जून तक सभी सरकारी स्कूल बंद करने का फैसला लिया गया है। एसकेएमसीएच के अधीक्षक एसके शाही ने परिजनों को बच्चों को चमकी बुखार से बचाने का सुझाव दिया है। 

1) खूब पानी पियेंगर्मियों में तेज धूप और पसीने बहने से शरीर में पानी की कमी होने लगती है जिससे डिहाइड्रेशन, लो ब्लड प्रेशर, सिरदर्द, थकान, भूख में कमी जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। आपको बता दें कि चमकी बुखार के लक्षण भी ऐसे ही हैं। इसलिए बच्चों को पानी पिलाते रहे। इससे उन्हें हाइड्रेट रहने और बीमारियों से बचने में मदद मिलेगी।

2) बच्चों को गर्मी से बचाएं देशभर में गर्मी का प्रकोप जारी है। गर्मी का सबसे ज्यादा असर बच्चों को ही होता है। तेज धूप और पसीना बहाने से शरीर में पानी की कमी होने लगती है। इतना ही धूप में जाने से सनबर्न का भी खतरा होता है। इसलिए किसी भी कीमत पर बच्चों को गर्मी से बचाएं। उन्हें धूप में न जाने दें और दिनभर कुछ ठंडे पेय पदार्थ देते रहें। 

3) शरीर को रखें ठंडाइस मौसम में शरीर को ठंडा रखना बहुत जरूरी है। इसके लिए आप बच्चों को ठंडे पानी से दिन में दो-तीन बार नहलाएं। इसके अलावा उन्हें ठंडी चीजें खानेपीने को दें। चीनी-नमक का घोल, छाछ, शिकंजी के अलावा तरबूज, खरबूज, खीरे जैसी चीजों का खूब सेवन करें। हालत गंभीर होने पर पारासिटामोल की गोली या सिरप भी दे सकते हैं।

4) ओआरएस का घोल भी है जरूरीवैसे तो आप बच्चों को तापमान बनाये रखने के लिए चीनी-नमक का घोल, छाछ, शिकंजी के अलावा तरबूज, खरबूज दे सकते हैं लेकिन इनके साथ आप उन्हें ओआरएस का घोल भी दे सकते हैं। इससे बच्चों को न सिर्फ ऊर्जा मिलती है बल्कि शरीर हाइड्रेट रहता है और गर्मी से बचाव होता है।

इस बात का रखें ध्यानचमकी बुखार के लक्षणों में लगातार कुछ दिनों तक तेज बुखार आना, शरीर में कभी ना ख़त्म होने वाली कमजोरी, शरीर में एंठन होना, सुस्ती, सिरदर्द, उल्टी,  कब्ज, बेहोशी, कोमा और लकवा आदि शामिल हैं। इस तरह का कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।  

टॅग्स :हेल्थ टिप्समेडिकल ट्रीटमेंटबिहारचमकी बुखार
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