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डॉ. सत्यवान सौरभ का ब्लॉग: ब्रेन ट्यूमर से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: June 8, 2020 15:22 IST

भारत में ब्रेन ट्यूमर की व्यापकता और प्रसार बढ़ता जा रहा है. भारत सरकार ने ब्रेन ट्यूमर की रोकथाम, स्क्रीनिंग, रोग का जल्दी पता लगाने, निदान और देखभाल उपचार प्रदान करने के लिए अनेक उद्देश्यों की पूर्ति के साथ राष्ट्रीय कैंसर नियंत्नण कार्यक्र म की शुरुआत की है.

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दुनिया भर में हर दिन एक लाख में से दस लोग ब्रेन ट्यूमर के कारण मरते हैं. विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस वर्ष 2000 से प्रतिवर्ष 8 जून को मनाया जाता है. इस दिवस को सबसे पहले जर्मन ब्रेन ट्यूमर एसोसिएशन द्वारा मनाया गया था. यह ब्रेन ट्यूमर के बारे में लोगों के बीच शिक्षा और जन-जागरूकता प्रसारित करने वाला एक गैर लाभकारी संगठन है.

भारत में ब्रेन ट्यूमर की व्यापकता और प्रसार बढ़ता जा रहा है. भारत सरकार ने ब्रेन ट्यूमर की रोकथाम, स्क्रीनिंग, रोग का जल्दी पता लगाने, निदान और देखभाल उपचार प्रदान करने के लिए अनेक उद्देश्यों की पूर्ति के साथ राष्ट्रीय कैंसर नियंत्नण कार्यक्र म की शुरुआत की है.

 मस्तिष्क कैंसर यानी ब्रेन ट्यूमर  एक खतरनाक रोग है. समय रहते इसका उचित इलाज नहीं कराया गया तो यह जानलेवा साबित होता है.  ब्रेन के किसी हिस्से में होने वाली असामान्य कोशिकाओं की वृद्धि ब्रेन ट्यूमर के रूप में प्रकट होती है. ब्रेन ट्यूमर किसी भी उम्र में हो सकता है. हमारा ब्रेन सेल्स से बना होता है. जब भी किसी कारण से ब्रेन की सेल्स का नियंत्नण बिगड़ने लगता है तो यह सेल्स खत्म होने लगते हैं. इसके बाद ब्रेन के काम में रुकावट पैदा होने लगती है. वहीं, जब ब्रेन में अनियंत्रित सेल्स तेजी से फैलने लगते हैं तो कैंसर का रूप धारण कर लेते हैं.

मस्तिष्क के आकार में अगर अप्रत्याशित बदलाव हो, लगातार सिर में दर्द हो या फिर आंखों से कम दिखे, उल्टी आए, कान के पास कोई गांठ दिखे, कान से कम सुनाई दे या लगातार सीटी की आवाज आए तो इन सभी लक्षणों को हल्के में न लें. ये सभी लक्षण ब्रेन ट्यूमर की तरफ इशारा करते हैं और ऐसे में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत है. चिकित्सकों का मानना है कि शुरुआती दौर में इन लक्षणों वाले मरीजों को एमआरआई या सीटी स्कैन करवाना चाहिए, जिससे ट्यूमर को कैंसर बनने से पहले रोका जा सके. उनके अनुसार, नशीली दवाइयां और शराब का सेवन भी ब्रेन ट्यूमर का एक कारण है.

ब्रेन ट्यूमर सिर्फ मस्तिष्क को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि इसका असर पूरे शरीर पर होता है, क्योंकि मस्तिष्क ही पूरे शरीर को संचालित करता है. ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी में पूरे ट्यूमर को या उसके कुछ भाग को ब्रेन से निकाल दिया जाता है. सर्जरी के दौरान संक्र मण और ब्लीडिंग जैसे खतरे भी होते हैं. अगर ट्यूमर ऐसी जगह पर है, जहां खतरा अधिक होता है तब उपचार के दूसरे उपायों का सहारा लिया जाता है.

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