अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवसः रोगियों में भरोसा और उम्मीद जगाती हैं नर्सें
By ललित गर्ग | Updated: May 12, 2026 05:26 IST2026-05-12T05:26:39+5:302026-05-12T05:26:39+5:30
International Nurses Day: रोगी जब दर्द, भय, चिंता और असहायता से घिरा होता है, तब नर्स ही उसके चेहरे पर विश्वास की मुस्कान बनकर सामने आती है.

International Nurses Day
International Nurses Day: हर वर्ष 12 मई को पूरी दुनिया अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाती है. यह दिन आधुनिक नर्सिंग सेवा की जननी मानी जाने वाली फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती के रूप में मनाया जाता है. यह दिवस उन अनगिनत संवेदनशील हाथों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जो दिन-रात रोगियों के दर्द को कम करने, उन्हें जीवन का भरोसा देने और मृत्यु से संघर्ष कर रहे व्यक्ति के भीतर आशा का दीप जलाने का कार्य करते हैं. दुुनिया में नर्सों की सेवा सर्वाधिक महत्वपूर्ण है, हर दिन नर्सें शांत शक्ति, स्थिर हाथों और करुणा से भरे दिलों के साथ अस्पतालों, क्लीनिकों और विभिन्न सामुदायिक स्थानों पर कदम रखते हुए रोगियों के लिए देवदूत बनती हैं. रोगी की सेवा करते हुए वे अपना पारिवारिक सुख, करियर, जीवन और वर्तमान सबकुछ झोंक देती हैं.
वर्ष 2026 की थीम ‘हमारी नर्सें, हमारा भविष्य- सशक्त नर्सें जीवन बचाती हैं’ पूरी दुनिया को यह संदेश देती है कि यदि स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाना है तो नर्सों को सम्मान, सुरक्षा, संसाधन और सशक्त वातावरण देना होगा. यह दिवस 1965 से इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्सेज द्वारा शुरू हुआ है,
बहुत से लोग इस दिन का उपयोग अपने देश एवं दुनिया में नर्सों द्वारा किए गए अद्भुत सेवा कार्यों का सम्मान करने के लिए करते हैं. सचमुच नर्सें अस्पतालों की आत्मा होती हैं. चिकित्सक जहां रोग की पहचान और उपचार का मार्ग तय करता है, वहीं नर्स अपने स्पर्श, सेवा, सहानुभूति और निरंतर देखभाल से रोगी को जीने की शक्ति देती है.
रोगी जब दर्द, भय, चिंता और असहायता से घिरा होता है, तब नर्स ही उसके चेहरे पर विश्वास की मुस्कान बनकर सामने आती है. वह केवल इंजेक्शन लगाने, दवाइयां देने या रिपोर्ट संभालने तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह रोगी के मनोबल की संरक्षक होती है. वह अपने व्यवहार, शब्दों और संवेदनाओं से रोगी को यह विश्वास दिलाती है कि वह अकेला नहीं है.
विश्व स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने आज सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक प्रशिक्षित नर्सों की कमी है. विकसित देशों में बेहतर वेतन और सुविधाओं के कारण विकासशील देशों की अनेक प्रतिभाशाली नर्सें विदेशों की ओर आकर्षित हो रही हैं.
परिणामस्वरूप गरीब और विकासशील देशों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं. इसलिए नर्सों के लिए बेहतर वेतनमान, सुरक्षित कार्य-परिस्थितियां, पर्याप्त अवकाश, मानसिक स्वास्थ्य सहयोग, कौशल विकास और नेतृत्व के अवसर सुनिश्चित किए जाने चाहिए.