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Viksit Bharat Sankalp Yatra: पीएम मोदी 'विकसित भारत संकल्प' यात्रा को 15 नवंबर को करेंगे लॉन्च, 2 माह तक चलेगी यात्रा

By रुस्तम राणा | Updated: October 26, 2023 16:29 IST

'विकसित भारत संकल्प' यात्रा2500 से अधिक आईईसी वैन 14 हजार से अधिक स्थानों पर 2.5 लाख ग्राम पंचायतों और 3700 शहरी स्थानीय निकायों को कवर करेंगी। यात्रा आदिवासी इलाकों से शुरू होगी और 2 महीने तक चलेगी।

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ठळक मुद्दे 'विकसित भारत संकल्प' यात्रा का शुभारंभ 15 नवंबर को बिरसा मुंडा जयंती के मौके पर पीएम करेंगेयात्रा 2500 से अधिक आईईसी वैन 14 हजार से अधिक स्थानों पर 2.5 लाख ग्राम पंचायतों और 3700 शहरी स्थानीय निकायों को कवर करेंगीसूचना एवं प्रसारण सचिव के अनुसार, यात्रा आदिवासी इलाकों से शुरू होगी और 2 महीने तक चलेगी

नई दिल्ली: 'विकसित भारत संकल्प' यात्रा का शुभारंभ 15 नवंबर को बिरसा मुंडा जयंती के मौके पर पीएम करेंगे। गुरुवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव ने इसकी जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार,   'विकसित भारत संकल्प' यात्रा 2500 से अधिक आईईसी वैन 14 हजार से अधिक स्थानों पर 2.5 लाख ग्राम पंचायतों और 3700 शहरी स्थानीय निकायों को कवर करेंगी। यात्रा आदिवासी इलाकों से शुरू होगी और 2 महीने तक चलेगी।

बयान में कहा गया है कि विकसित भारत संकल्प यात्रा का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना है, यात्रा का उद्देश्य व्यक्तिगत कहानियों के माध्यम से केंद्र सरकार की योजनाओं और इसके लाभों को उजागर करना है, लोगों को जागरूक करने के लिए अनुभव साझा करना, नुक्कड़ नाटक और यहां तक कि क्विज़ भी आयोजित किए जाएंगे। केंद्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ।

सूचना और प्रसारण सचिव ने कहा, चुनावी राज्यों में जहां आदर्श आचार संहिता लागू है, वहां 'विकसित भारत संकल्प' यात्रा शुरू करने की कोई योजना नहीं है, चुनाव समाप्त होते ही इन राज्यों में यात्रा शुरू हो जाएगी। आपको बता दें कि विकसित भारत संकल्प यात्रा को लेकर विपक्षी पार्टी कांग्रेस सवाल उठा चुकी है और इस कदम की तीखी आलोचना की है। 

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है और कहा है कि यह जरूरी है कि सरकारी मशीनरी को राजनीति से दूर रखा जाए। एक्स पर लिखे पत्र को पोस्ट करते हुए खड़गे ने लिखा, "मोदी सरकार के लिए, सरकार की सभी एजेंसियां, संस्थान, हथियार, विंग और विभाग अब आधिकारिक तौर पर 'प्रचारक' हैं! हमारे लोकतंत्र और हमारे संविधान की रक्षा के मद्देनजर, यह जरूरी है कि उन आदेशों को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए जो नौकरशाही और हमारे सशस्त्र बलों के राजनीतिकरण को बढ़ावा देंगे।"

टॅग्स :नरेंद्र मोदीInformation and Broadcasting Ministryकांग्रेसमल्लिकार्जुन खड़गे
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