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Russia-Ukraine war: रूसी सेना ने 10 अमेरिकी मिसाइलों को मार गिराया, खारकीव में फिर खोला मोर्चा, पीछे हट रही है यूक्रेनी फौज

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: May 15, 2024 18:35 IST

हाल के दिनों में रूस की सेना ने यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर, खार्किव के पास एक नया मोर्चा खोल दिया है। इस नए कदम के बाद यूक्रेन को उस क्षेत्र की रक्षा के लिए अपनी पहले से ही कम हो चुकी सेना को हटाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

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ठळक मुद्देरूसी वायु सेना ने एटीएसीएमएस नाम की 10 अमेरिकी मिसाइलों को मार गिरायायूक्रेन की सेना ने क्रीमिया से लॉन्च की थींकुर्स्क क्षेत्र में पांच और ब्रांस्क क्षेत्र में तीन हमलावर ड्रोन भी नष्ट कर दिए गए

Russia-Ukraine war: रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसकी वायु सेना ने एटीएसीएमएस नाम की 10 अमेरिकी मिसाइलों को मार गिराया है जो यूक्रेन की सेना ने क्रीमिया से लॉन्च की थीं। रूसी रक्षा मंत्रालय ने यह भी कहा कि बेलगोरोड क्षेत्र में नौ हमलावर ड्रोन और यूक्रेन द्वारा लॉन्च किए गए कई अन्य हवाई हथियारों को नष्ट कर दिया गया। इसमें कहा गया है कि रूस के कुर्स्क क्षेत्र में पांच और ब्रांस्क क्षेत्र में तीन हमलावर ड्रोन भी नष्ट कर दिए गए।

इस बीच यूक्रेन की सेना ने कहा है कि उसने नुकसान से बचने के लिए खार्किव में कई लड़ाई वाले स्थानों से सैनिकों को वापस बुला लिया है। रूसी सेना यूक्रेन के उत्तर-पूर्व में अपने नए हमले में लगातार बढ़त हासिल कर रही है। यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने कहा है कि रूस के हमलों और तोपखाने की बमबारी के कारण सेना ने लुक्यांत्सी और वोवचैन्स्क के आसपास से सैनिकों को पीछे हटाया है।

रूस की आक्रामक कार्रवाई के आगे यूक्रेनी सेना के पांव उखड़ रहे हैं। 18 महीने पहले जब युद्ध शुरू हुआ था तब अमेरिका और पश्चिमी देशों का मानना था कि ये जंग रूस के लिए झटका साबित होगी, व्हाइट हाउस और पेंटागन के अधिकारियों की मानना था कि यूक्रेन में रूस की सेनाएं ध्वस्त हो सकती हैं।  लेकिन अब महीनों की धीमी रूसी जमीनी प्रगति और अमेरिका द्वारा दिए गए हथियारों का भी बहुत ज्यादा असर न देखकर बिडेन प्रशासन को चिंता बढ़ रही है। 

हाल के दिनों में रूस की सेना ने यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर, खार्किव के पास एक नया मोर्चा खोल दिया है। इस नए कदम के बाद यूक्रेन को उस क्षेत्र की रक्षा के लिए अपनी पहले से ही कम हो चुकी सेना को हटाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। खार्किव पर एक बार पहले भी रूस ने कब्जा किया था लेकिन यूक्रेनी सेना ने इसे वापस ले लिया था। अब एक बार फिर से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ये शहर रूस के कब्जे में जा सकता है। 

अमेरिका और नाटो द्वारा प्रदान किए गए तोपखाने और ड्रोन को रूसी इलेक्ट्रॉनिक युद्ध तकनीकों ने असफल साबित कर दिया है। ये पैंतरा रूस ने युद्ध के मैदान में देर से चला लेकिन यह आश्चर्यजनक रूप से प्रभावी साबित हुआ। अमेरिकी अधिकारियों ने खुफिया रिपोर्टों में माना है कि इस युद्ध में यूक्रेन पिछड़ गया है।

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