सीबीआई ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले के ‘सरगना’ रसायन विज्ञान के प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को पुणे से किया अरेस्ट, गिरफ्त में अब तक 7
By सतीश कुमार सिंह | Updated: May 15, 2026 20:57 IST2026-05-15T20:56:55+5:302026-05-15T20:57:40+5:30
सीबीआई ने NEET-UG 2026 परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया. सीबीआई ने NEET-UG 2026 परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के मुख्य सूत्रधार की पहचान कर ली है।

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पुणेः केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) प्रश्नपत्र लीक मामले के कथित 'सरगना' प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सीबीआई ने नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच शुरू होने के तीन दिन के भीतर इसे सुलझाने का दावा करते हुए पुणे के एक प्रोफेसर को गिरफ्तार किया है, जिसे प्रश्नपत्र लीक का ‘‘मुख्य स्रोत’’ बताया जा रहा है। जांच में पता चला कि एनटीए की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में शामिल कुलकर्णी के पास प्रश्नपत्रों की पहुंच थी।
CBI arrested a kingpin in the NEET-UG 2026 Examination paper leak case
— ANI (@ANI) May 15, 2026
CBI has identified a kingpin who was the source of the NEET-UG 2026 Examination paper leaks. Investigation revealed that P.V. Kulkarni, Chemistry Lecturer involved in the process of examination on behalf of… pic.twitter.com/66NBkS8zD5
अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में उन्होंने एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे (जिसे सीबीआई ने 14.05.2026 को गिरफ्तार किया था) की मदद से छात्रों को संगठित किया और पुणे स्थित अपने आवास पर इन छात्रों के लिए विशेष कोचिंग कक्षाएं आयोजित कीं। इन विशेष कोचिंग कक्षाओं के दौरान उन्होंने प्रश्न, विकल्प और सही उत्तर लिखवाए।
छात्रों ने इन प्रश्नों को अपनी नोटबुक में हाथ से लिखा और ये प्रश्न 3.05.2026 को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा के वास्तविक प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खाते हैं: सीबीआई। कल तक जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिलियानगर से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इनमें से 5 आरोपियों को पहले ही अदालत में पेश किया जा चुका है और विस्तृत पूछताछ के लिए उन्हें 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। कल गिरफ्तार किए गए अन्य 2 आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड के लिए पुणे की अदालत में पेश किया जा रहा है और उन्हें दिल्ली की अदालत में स्थानांतरित किया जा रहा है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के पूर्व अध्यक्ष एम. जगदीश कुमार ने केंद्र सरकार द्वारा आगामी वर्षों में नीट को कंप्यूटर आधारित प्रारूप (सीबीटी) में तब्दील करने के फैसले का शुक्रवार को समर्थन करते हुए कहा कि लाखों अभ्यार्थियों द्वारा दी जाने वाली इस परीक्षा में मौजूदा समय में मुद्रित प्रश्नपत्रों को केंद्रों तक पहुंचाने की प्रक्रिया में ‘कमजोर कड़िया’ हैं, जिससे कदाचार की आशंका बढ़ जाती है।
कुमार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की बढ़ती आलोचना और विभिन्न धड़ों द्वारा इसे भंग करने की मांग के बीच कहा कि एजेंसी की आवश्यकता है, क्योंकि राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में आने वाले वर्षों में अधिक अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है।