नितिन गडकरी मामलाः 100 करोड़ रुपये की रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी, ₹35000 का जुर्माना, पुजारी और पाशा को 5 साल की सजा
By फहीम ख़ान | Updated: May 15, 2026 17:19 IST2026-05-15T17:19:04+5:302026-05-15T17:19:53+5:30
Nitin Gadkari case: विशेष न्यायाधीश अनिलकुमार शर्मा ने यह फैसला सुनाया. दोनों आरोपी अन्य मामलों में कर्नाटक के बेलगावी स्थित हिंडलगा केंद्रीय कारागार में सजा काट रहे हैं.

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नागपुरः केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को 100 करोड़ रुपये की रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देने वाले कुख्यात अपराधी जयेश उर्फ जयेशकांत उर्फ शाहीर उर्फ शाकीर शशिकांत पुजारी और अफसर पाशा उर्फ बशीरोद्दीन उर्फ खुशीरोद्दीन को विशेष सत्र न्यायालय ने शुक्रवार को अधिकतम पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई.
साथ ही दोनों पर कुल 35000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. विशेष न्यायाधीश अनिलकुमार शर्मा ने यह फैसला सुनाया. दोनों आरोपी अन्य मामलों में कर्नाटक के बेलगावी स्थित हिंडलगा केंद्रीय कारागार में सजा काट रहे हैं. वहीं पर उन्होंने गडकरी से रंगदारी मांगने की साजिश रची थी.
पुजारी ने 14 जनवरी और 21 मार्च 2023 को गडकरी के जनसंपर्क कार्यालय में फोन कर पहली बार 100 करोड़ और दूसरी बार 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी. साथ ही धमकी दी थी कि रकम नहीं देने पर गडकरी की हत्या कर दी जाएगी और बम विस्फोट कर उनका कार्यालय उड़ा दिया जाएगा.
इस मामले में मोहम्मद शाकीर मोहम्मद हनीफ तीसरा आरोपी है, जो फिलहाल फरार है. उसकी गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ अलग से मुकदमा चलाया जाएगा. अदालत में सरकार की ओर से एड. वेदिका पाटिल और एड. लीलाधर शेंदरे ने पक्ष रखा, जबकि आरोपियों की ओर से एड. हेमंत झा, एड. उन्नति बोबड़े और एड. आर.पी. ढाले ने पैरवी की.
ऐसी है पूरी सजा
- हत्या की धमकी देकर रंगदारी मांगना (भादंवि धारा 387) : पांच वर्ष सश्रम कारावास, 5000 रुपये जुर्माना और जुर्माना नहीं भरने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास.
- जान से मारने की धमकी देना (भादंवि धारा 506-2) : पांच वर्ष सश्रम कारावास, 5000 रुपये जुर्माना और जुर्माना नहीं भरने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास.
- गैरकानूनी गतिविधियां करना (यूएपीए धारा 13-1) : पांच वर्ष सश्रम कारावास, 5000 रुपये जुर्माना और जुर्माना नहीं भरने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास.
- आतंकवादी गतिविधियों के लिए सहायता देना (यूएपीए धारा 18) : पांच वर्ष सश्रम कारावास, 5000 रुपये जुर्माना और जुर्माना नहीं भरने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास.
- पहचान छिपाकर धमकी देना (भादंवि धारा 507) : दो वर्ष सश्रम कारावास, 5000 रुपये जुर्माना और जुर्माना नहीं भरने पर 10 महीने अतिरिक्त कारावास.
- रंगदारी के लिए दहशत फैलाना (भादंवि धारा 385) : दो वर्ष सश्रम कारावास, 5000 रुपये जुर्माना और जुर्माना नहीं भरने पर 10 महीने अतिरिक्त कारावास.
- गैरकानूनी संगठन का सदस्य होना (यूएपीए धारा 10) : दो वर्ष सश्रम कारावास, 5000 रुपये जुर्माना और जुर्माना नहीं भरने पर 10 महीने अतिरिक्त कारावास.