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पाकिस्तान सरकार के साथ समझौते के बाद कट्टरपंथी नेता साद रिजवी के समर्थकों ने मार्च स्थगित किया

By भाषा | Updated: October 24, 2021 21:46 IST

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लाहौर, 24 अक्टूबर (एपी) पाकिस्तान सरकार द्वारा कट्टरपंथी नेता साद रिजवी के खिलाफ लंबित आरोप हटाए जाने पर सहमति जताने के बाद रविवार को उनके समर्थकों ने इस्लामाबाद की तरफ निकाले जा रहे मार्च को तीन दिन के लिए स्थगित कर दिया।

तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) पार्टी के प्रमुख साद रिजवी की रिहाई की मांग को लेकर हजारों समर्थकों ने शनिवार को दूसरे दिन भी लाहौर से इस्लामाबाद के लिए मार्च का प्रयास किया जिसे रोकने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे थे। लाहौर में पुलिस और कट्टरपंथी इस्लामी सदस्यों के बीच झड़प में दो पुलिसकर्मियों सहित कई लोगों की मौत हो गई थी। टीएलपी समर्थकों ने रिजवी की रिहाई और फ्रांस के राजदूत को पैगंबर मोहम्मद के कार्टून के मुद्दे पर निष्कासन की मांग को लेकर इस्लामाबाद तक के लिए जुलूस की शुरुआत की थी।

रिजवी की रिहाई की मांग को लेकर हजारों समर्थकों ने शुक्रवार को मार्च की शुरुआत की थी। रैली में शामिल लोग इस्लामाबाद जाना चााहते हैं ताकि वे रिजवी की रिहाई को लेकर पाकिस्तान सरकार पर दबाव बना सकें। पैंगबर मोहम्मद का कार्टून बनाने को लेकर फ्रांस के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के बीच पिछले साल रिजवी को गिरफ्तार किया गया था।

प्रांतीय कानून मंत्री राजा बशारत ने कहा कि समझौते के तहत पंजाब सरकार रिजवी पर लगे आरोपों को वापस लेगी और मंगलवार तक उन सभी लोगों को रिहा किया जाएगा जिन्हें प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया है।

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं पता चल सका है कि रिजवी को कब तक रिहा किया जाएगा।

बशारत के मुताबिक, समझौते में कहा गया है कि संघीय सरकार कार्टून के प्रकाशन पर फ्रांस के साथ राजनयिक संबंधों पर गौर करने के लिए टीएलपी के साथ पूर्व में हुए समझौते का सम्मान करेगी।

टीएलपी के प्रवक्ता साजिद सैफी ने मंत्री के बयान की पुष्टि की और कहा कि पार्टी के हजारों समर्थक रिजवी की रिहाई और हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को छोड़े जाने तक मुरीदके शहर में ही डटे रहेंगे।

पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख राशिद अहमद ने कहा कि कार्टून प्रकाशन के मुद्दे पर पाकिस्तान में फ्रांस के राजूदत को निष्कासित किए जाने की टीएलपी की मांग को आने वाले दिनों में एक संसदीय समिति के समक्ष भेजा जाएगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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