भारतीय संसद (राज्य सभा और लोक सभा) की हर साल होने वाली तीन बैठकों को संसद सत्र कहते हैं। इन सत्रों में सभी विधायी कार्य पूरे किये जाते हैं। भारतीय संविधान के अनुसार संसद के दो सत्रों के बीच छह महीने से ज्यादा अंतराल नहीं होना चाहिए। इस वजह से हर साल संसद के कम से कम दो सत्र जरूर आयोजित होते हैं।संसद का बज़ट सत्र फ़रवरी से मई के बीच आहुत होता है। संसद का मॉनसून सत्र जुलाई से सितम्बर के बीच आहुत होता है। संसद का शीतकालीन सत्र नवंबर से दिसंबर के बीच आयोजित होता है। बज़ट सत्र के दौरान भारत सरकार अपना सालाना या अंतरिम बज़ट पेश करती है। इस बज़ट में सरकार वार्षिक आय और व्यय का लेखा-जोखा पेश करती है। Read More
बुधवार को लोकसभा में जब विधि-विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान महुआ मोइत्रा ने कहा कि इस बिल का मतलब तो ये हुआ कि अगर सरकार चाहे तो किसी ना किसी मामले में दोषी बनाकर आपको सजा दिला सकती है। गृह मंत्री अमित शाह सदन में मौजूदगी न ...
सदस्यों का यह भी कहना था कि सिर्फ सख्त कानून बनाए जाने से ही समस्या समाप्त नहीं होगी, इसके लिए कानून व्यवस्था की स्थिति में भी सुधार लाना होगा। उच्च सदन के सदस्य लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2019 पर चर्चा में भाग ले रहे थे। ...
गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने बुधवार को राज्यसभा को शिरोमणि अकाली दल के सदस्य सरदार सुखदेव सिंह ढींढसा के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया ‘‘शास्त्री, मुखर्जी और उपाध्याय की संदिग्ध मौत की जांच के लिए आयोग गठित करने के संब ...
ओवैसी ने कहा कि यूएपीए कानून का जो दुरुपयोग हुआ है उसकी असली दोषी कांग्रेस है। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में रहते हुए पहले संशोधन विधेयक लेकर आई थी तब भी मैंने इसका विरोध किया था तो कांग्रेस ने कहा कि ‘‘मैं राष्ट्रीय हित नहीं जानता’’। ...
गृह मंत्री ने कहा, ‘‘अनपढ़, गरीब लोगों को वैचारिक आंदोलन की आड़ में गुमराह करके अपना उल्लू सीधा करने वाले ऐसे लोगों को नहीं छोड़ा जा सकता है।’’ मंत्री के जवाब के बाद कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने विधेयक को स्थायी समिति को भेजने की मांग की। ...
चर्चा का जवाब देते हुए शाह ने कहा, ‘‘हम विपक्ष में थे तब भी कहते थे कि आतंकवाद के खिलाफ कठोर कानून होना चाहिए और आज भी हमारा मानना है कि आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए देश में कठोर से कठोर कानून की जरूरत है। ’’ ...
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बुधवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पश्चिम बंगाल का नाम बदलने से जुड़े सवाल के जवाब में कहा, ‘‘किसी भी राज्य का नाम बदलने के लिये संविधान में संशोधन करने की जरूरत होती है। फिलहाल इस मामले में संविधान संशोधन का ...
गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने बुधवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल के जवाब में बताया, ‘‘प्राप्त तथ्यों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि देश में मॉब लिंचिंग का एक समान स्वरूप नहीं है। विभिन्न राज्यों में अलग अलग कारणों से इस तरह की घट ...