आयुर्वेद में देसी घी को सर्वोत्तम औषधि मानी गई है। गाय का घी एंटीऑक्सिडेंट से भरा है। इसके अलावा इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण पाए जाते हैं। ...
सर्दियों का मौसम खत्म होने वाला है और गर्मियां शुरू होने वाली हैं। मार्च-अप्रैल के मौसम में मछरों के पनपने और उनसे होने वाली बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, जीका वायरस, यलो फीवर, जापानी एन्सेफलाइटिस का सबसे ज्यादा खतरा होता है। इन सभी बीमा ...
संतरे का सीजन नवंबर से मार्च तक का होता हैं। इस मौसम में यह फल हमारे शरीर के लिये कोई नुकसान नहीं पहुंचाता हैं। संतरे में विटामिन सी की भरपूर मात्रा होती हैं। जो हमारे शरीर के पाचन तंत्र के साथ-साथ सर्दी जुकाम ठीक करने में कारगर है, इसलिए यह फल आपके ...
Skin care tips : किसी भी तरह के चर्म रोग होने और उसके उपचार में साफ-सफाई, खानपान और जीवनशैली का अहम रोल है। लापरवाही बरतने पर ये रोग पूरे शरीर में फैलने लगते हैं। ...
छोटे करेले की तरह दिखने वाली हरे रंग की कंटोला (Teasle gourd) एक स्वादिष्ट सब्जी है जिसे ककोड़े और मीठा करेला के नाम से भी जाना जाता है। यह सब्जी सिर्फ जायका नहीं बढ़ाती है बल्कि इसके अनगिनत स्वास्थ्य फायदे भी हैं। ...
आयुर्वेद विज्ञान के अनुसार, इस पेड़ के हर हिस्से- पत्ती, छाल, अंकुर, बीज और फल के कई औषधीय लाभ हैं। पीपल के पेड़ के पत्तों में ग्लूकोज, एस्टेरियोड और मेनोस, फेनोलिक होता है, जबकि इसकी छाल विटामिन के, टैनिन और फेटोस्टेरोलिन से भरपूर होती है। ...
मूत्र मार्ग में संक्रमण (Urinary Tract Infection) से पेशाब के समय जलन होती है और पेशाब में खून भी आ सकता है। इतना ही नहीं इससे आपको किडनी इन्फेक्शन का भी खतरा होता है जिससे आपको पीठ में दर्द, मतली, उल्टी और बुखार के लक्षण महसूस हो सकते हैं। ...