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Ganesh Chaturthi 2020: गणपति बप्पा मोरिया, कोविड असर, लोग खरीद रहे हैं छोटी मूर्तियां, see pics

By सतीश कुमार सिंह | Updated: August 19, 2020 14:53 IST

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कोरोना वायरस की वजह से इस बार लोग गणेश चतुर्थी के लिए गणेश भगवान की छोटी मूर्तियां खरीद रहे हैं। मूर्ति लेने आए एक व्यक्ति ने बताया,'पहले हम बड़ी मूर्ति लेते थे कोरोना की वजह से छोटी मूर्ति लेनी पड़ रही है। इस बार मूर्ति घर में ही स्थापित करेंगे, पहले पंडाल लगाते थे।
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दिल्ली: इस बार लोग गणेश चतुर्थी के लिए भगवान गणेश की पीओपी वाली मूर्ति की जगह मिट्टी की मूर्ति लेना पसंद कर रहे हैं।
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एक मूर्तिकार ने बताया,'पहले पीओपी की मूर्ति बिकती थी अब नहीं बिकतीं,अब मिट्टी की बनी बनाई मूर्ति लाते हैं और बेचते हैं। मिट्टी की मूर्ति में ज़्यादा पैसे लगते हैं। मेरे रेगुलर कस्टमर मूर्ति स्थापित कर रहे हैं। ये लोग हर साल जैसी मूर्ति खरीदते हैं वैसी ही ले रहे हैं।
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अहमदाबाद के मूर्तिकार ने कहा कि इको फ्रेंडली मूर्तियों की मांग इस बार बढ़ी है। कोरोना के इस समय में ये मिट्टी किसी भी तरीके से नुकसानदेह नहीं है।
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कोरोना वायरस महामारी के चलते इस बार गणेश चतुर्थी के लिए भगवान गणेश की मूर्तियों की बिक्री में पिछले साल की तुलना में काफी कमी आई है। एक मूर्तिकार ने बताया, 'पहले मेरे पास इस समय 150 मूर्ति के ऑर्डर थे और इस बार 10-12 ऑर्डर हैं।'
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कोविड-19 के चलते महाराष्ट्र में वार्षिक गणपति महोत्सव से पहले भगवान गणेश की प्रतिमा बनाने वाले कारीगरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इन मुश्किलों में कच्चा माल मिलने में कठिनाई और चार फुट से ऊंची मूर्ति पर प्रतिबंध शामिल हैं। औरंगाबाद और जालना के कारीगरों का कहना है कि कच्चे माल की कमी के कारण लागत बढ़ने और परिवहन का खर्च अधिक होने से उनकी समस्याएं बढ़ गई हैं।
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महाराष्ट्र में गणेशोत्सव सबसे लोकप्रिय पर्व है। राज्य भर में विभिन्न मंडलों द्वारा स्थापित किए जाने वाले पंडाल दस दिवसीय पर्व के दौरान हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। गणेशोत्सव का आरंभ ‘गणेश चतुर्थी’ पर्व से होता है जो इस साल 22 अगस्त को मनाया जाएगा। कोविड-19 महामारी के प्रकोप के कारण पिछले महीने राज्य सरकार ने गणपति मंडलों द्वारा स्थापित की जाने वाली मूर्तियों की ऊंचाई चार फुट तक ही रखने का आदेश दिया था।
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आदेश में कहा गया था कि घर पर स्थापित मूर्तियों की ऊंचाई दो फुट से अधिक नहीं होनी चाहिए। औरंगाबाद स्थित बेगमपुरा क्षेत्र के मूर्तिकार गणेश जोबले ने कहा, “इस बार व्यापार बहुत कम हुआ। प्रतिमा बनाने के लिए कच्चा माल गुजरात से लाया जाता है। इस साल कच्चे माल का परिवहन बाधित हुआ जिससे हमारा काम प्रभावित हुआ।”
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हम बड़ी गणेश प्रतिमा बनाने के लिए सालभर काम करते हैं। लेकिन इस साल चार फुट से अधिक ऊंचाई की प्रतिमा नहीं बेची जा सकती जिससे हमारा नुकसान हो रहा है। अब हमें इन बड़ी प्रतिमाओं को अगले साल के लिए रखना होगा। एक अन्य कारीगर मनोज राखे ने कहा कि लॉकडाउन के कारण कच्चा माल मिलने में मुश्किल हुई जिससे व्यवसाय पर बुरा प्रभाव पड़ा। 
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