नई दिल्ली: महिलाओं के लिए आरक्षण कानून में संशोधन करने और एक परिसीमन आयोग गठित करने से संबंधित तीन विधेयकों पर लोकसभा में शुक्रवार को शाम को मतदान हुआ। विधेयक के पक्ष में 278 और विपक्ष में 211 वोट पड़े, जबकि लोकसभा में 489 सदस्यों ने मतदान किया। वोटिंग के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, "संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पारित नहीं हो सका, क्योंकि सदन में मतदान के दौरान इसे दो-तिहाई बहुमत प्राप्त नहीं हुआ।"
ये तीन बिल इस प्रकार हैं:-
1. संविधान (131वां) संशोधन बिल, 2026: संविधान में संशोधन करके निचले सदन और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान करता है।
2. परिसीमन बिल, 2026: लोकसभा और विधानसभा सीटों तथा सीमाओं के पुनर्समायोजन की प्रक्रिया को सुगम बनाता है।
3. केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल, 2026: जम्मू-कश्मीर सहित विभिन्न केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) से संबंधित सरकारी कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव करता है।
वोटिंग से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों से आग्रह किया कि वे राजनीतिक नफ़ा-नुकसान से ऊपर उठकर "अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुनें।"
क्या है नारी शक्ति वंदन अधिनियम (106वां संविधान संशोधन, 2023)?
नारी शक्ति वंदन अधिनियम (106वां संविधान संशोधन, 2023) लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% (एक-तिहाई) सीटें आरक्षित करने वाला एक ऐतिहासिक कानून है। इस अधिनियम के तहत लोकसभा, विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करना है। यह आरक्षण 15 वर्षों के लिए लागू होगा, जिसे आगे बढ़ाया जा सकता है। यह अधिनियम परिसीमन (Delimitation) प्रक्रिया के बाद लागू होगा। इसका मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तीकरण और राजनीति में उनकी भागीदारी को बढ़ाना है, ताकि आधी आबादी को उसका हक मिल सके।