पटनाः बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को अब पूरे देश में जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है, जो भारत में सबसे उच्च स्तर की सुरक्षा व्यवस्थाओं में गिनी जाती है। इस फैसले के तहत उनकी सुरक्षा में केंद्रीय एजेंसियों के विशेष रूप से प्रशिक्षित कमांडो तैनात रहेंगे, जो हर समय उनकी निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही उन्हें दिल्ली के लुटियन जोन सुनहरी बाग में आवास भी आवंटित किया गया है। इसी श्रेणी के आवास में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का भी निवास है। ऐसे में नीतीश कुमार को इसी इलाके में आवास मिलना उनके बढ़ते राजनीतिक महत्व को दर्शाता है। इसके अलावा, वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के पड़ोसी भी होंगे, जिनका आवास इसी परिसर में स्थित है।
ऐसे में मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी नीतीश कुमार के सुरक्षा घेरे में कोई कमी नहीं की जाएगी और उन्हें देश भर में जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिलती रहेगी। गृह विभाग की विशेष शाखा ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। केन्द्र सरकार के द्वारा जारी आदेश के अनुसार, नीतीश कुमार को यह सुरक्षा ‘बिहार स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट 2000’ के प्रावधानों के तहत दी जा रही है।
हाल ही में उनकी सुरक्षा समीक्षा की गई, जिसमें उनके वीवीआईपी दर्जे और संभावित खतरों को देखते हुए उच्च स्तरीय सुरक्षा जारी रखने की सिफारिश की गई थी। जेड प्लस सुरक्षा भारत में दी जाने वाली सर्वोच्च स्तर की सुरक्षा श्रेणियों में से एक है। यह सुरक्षा चक्र बेहद जटिल और अभेद्य माना जाता है, जिसमें मुख्य रूप से तीन स्तरों पर पहरा होता है।
जेड प्लस सुरक्षा मिलने के बाद उनकी गतिविधियों पर पहले से अधिक सतर्कता बरती जाएगी। उनके आवागमन के दौरान उन्नत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू होंगे, जिनमें एस्कॉर्ट वाहन, क्लोज प्रोटेक्शन टीम और तकनीकी निगरानी शामिल है। इस श्रेणी की सुरक्षा आमतौर पर देश के शीर्ष नेताओं और उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों को ही दी जाती है।
वहीं, सुरक्षा बढ़ाए जाने के साथ ही केंद्र सरकार ने दिल्ली में उनके लिए उच्च श्रेणी का सरकारी आवास भी आवंटित किया है। जानकारी के मुताबिक, उन्हें सुनहरी बाग रोड स्थित टाइप-8 श्रेणी का 9 नंबर बंगला दिया गया है। यह इलाका राजधानी के वीवीआईपी क्षेत्रों में गिना जाता है, जहां कई केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता रहते हैं।
खास बात ये है कि यह बंगला देश की सत्ता के केंद्र- संसद भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय सचिवालय के बेहद करीब है। जिससे इसकी अहमियत और भी बढ़ जाती है। ये बंगले बड़े प्लॉट पर बने होते हैं, जिनमें सामने और पीछे विशाल हरे-भरे लॉन, चौड़ी ड्राइववे और खूबसूरत बगीचे होते हैं।
इनकी बनावट में दिल्ली के लुटियंस जोन की झलक साफ दिखाई देती है, जो औपनिवेशिक दौर की वास्तुकला को दर्शाती है। अगर अंदर की बात करें तो इन बंगलों में आमतौर पर 5 से 6 बड़े बेडरूम, ड्राइंग और डाइनिंग हॉल, स्टडी या लाइब्रेरी रूम, आधुनिक किचन और ऊंची छतों वाले विशाल कमरे होते हैं।
इसके अलावा स्टाफ के लिए अलग से क्वार्टर, गाड़ियों के लिए गैराज, दफ्तर के लिए जगह और सुरक्षा के लिए गार्ड रूम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध रहती हैं। दिल्ली में इस श्रेणी के बंगले बहुत सीमित संख्या में हैं और इन्हें हासिल करना आसान नहीं होता।