प्रधानमंत्री और मेरे बीच पत्नी को लेकर कोई समस्या नहीं?, लोकसभा में अलग मूड में दिखे राहुल गांधी, वीडियो
By सतीश कुमार सिंह | Updated: April 17, 2026 16:14 IST2026-04-17T16:09:54+5:302026-04-17T16:14:43+5:30

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नई दिल्लीः लोकसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण और परिसीमन पर चल रही तीखी बहस के दौरान एक हल्का-फुल्का क्षण तब सामने आया, जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने खुद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अविवाहित होने का जिक्र किया। इस बीच राहुल गांधी ने हंसी मजाक भी किए। प्रधानमंत्री और मेरे बीच पत्नी को लेकर कोई समस्या नहीं है...", लोकसभा के विपक्ष राहुल गांधी ने महिला आरक्षण और परिसीमन पर संसद के विशेष सत्र के दौरान हल्के-फुल्के अंदाज में कहा। हम सभी इस कमरे में मौजूद हर एक व्यक्ति, अपने जीवन में मौजूद महिलाओं, माताओं, बहनों और पत्नियों से प्रभावित हुए हैं।
#WATCH | "Prime Minister and myself don’t have that wife issue...," says LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi on a light-hearted note during the special session of Parliament on women's reservation and delimitation. pic.twitter.com/ZVdPvRalFz
— ANI (@ANI) April 17, 2026
उनसे बहुत कुछ सीखा है और उनसे बहुत कुछ प्राप्त किया है। जैसा कि रिजिजू जी ने कहा है। बेशक, प्रधानमंत्री और मेरे पास वह पत्नी का साथ नहीं है, इसलिए हमें वह जानकारी नहीं मिलती। लेकिन हमारे पास हमारी माताएं और बहनें हैं। कल मैं बैठा अपनी बहन को पांच मिनट में वह कर दिखाने में कामयाब होते देख रहा था जो मैं शायद अपने 20 साल के राजनीतिक करियर में नहीं कर पाया।
महिला आरक्षण विधेयक के विरोध में बोलते हुए राहुल गांधी ने सरकार के इस दावे को खारिज कर दिया कि यह विधेयक महिलाओं को सशक्त बनाएगा और कहा, “इसका महिलाओं के सशक्तिकरण से कोई लेना-देना नहीं है। यह भारत के चुनावी नक्शे को बदलने का प्रयास है। वास्तव में, यह एक शर्मनाक हरकत है।”
संसद में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि सरकार जिस तरह से महिलाओं के लिए कोटा लागू कर रही है (संसद और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण) वह वास्तव में परिसीमन के माध्यम से देश के चुनावी मानचित्र को बदलने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह एक "घबराहट में फैसला" है, ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह दिखा सकें कि वे महिला समर्थक हैं।
खासकर बंगाल और तमिलनाडु में मतदान से पहले जहां महिला मतदाता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। परिसीमन और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने संबंधी विधेयकों को पारित करने के लिए बुलाए गए विशेष सत्र के दूसरे दिन बोलते हुए कहा कि सरकार ने इन विधेयकों को महिला आरक्षण विधेयक से जोड़कर एक ऐसे परिसीमन को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है। सरकार ने कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले कोटा लागू करने के लिए यह आवश्यक है।
#WATCH | LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi says, "You are telling the south Indian, the north-eastern states and small states in India that for the BJP to remain in power, we are going to take away representation from you. This is nothing short of an anti-national act. And we are not… https://t.co/uHxoPUlg4upic.twitter.com/XEh4zSLwJS
— ANI (@ANI) April 17, 2026
इस कदम को रोकने की कोशिश करने वाली किसी भी पार्टी को 'महिला सशक्तिकरण के खिलाफ' बताया। पहली सच्चाई तो यह है कि यह महिलाओं का विधेयक नहीं है। इसका महिलाओं के सशक्तिकरण से कोई लेना-देना नहीं है। यह भारत के चुनावी मानचित्र को बदलने का एक प्रयास है," लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन पर संसद के विशेष सत्र के दौरान कहा।
#WATCH | "The first truth is that this is not a women's bill. This has nothing to do with the empowerment of women. This is an attempt to change the electoral map of India. Actually, it is a shameful act," says LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi, during special session of Parliament on… https://t.co/Eof09Sv0wqpic.twitter.com/0TnpXktC1e
— ANI (@ANI) April 17, 2026