अगरतला: राजपरिवार के वंशज प्रद्योत किशोर देबबर्मन के नेतृत्व वाली टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) ने शुक्रवार को त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) में निर्णायक बहुमत हासिल करते हुए सत्ता बरकरार रखी। पार्टी ने 2021 में अपने पहले चुनाव में 28 में से 18 सीटें जीती थीं और 2026 में 24 सीटें जीतकर अपनी स्थिति और मजबूत कर ली। दूसरी ओर भाजपा को केवल चार सीटें मिलीं, जो 2021 के चुनावों की तुलना में 6 सीट कंम है। आईपीएफटी, कांग्रेस और सीपीआई (एम) जैसी अन्य राजनीतिक पार्टियां अपना खाता भी नहीं खोल पाईं।
चुनाव में कड़ी टक्कर होने की उम्मीद थी। निर्णायक रूप से एकतरफा साबित हुआ। मतगणना शुरू होने के बाद कई भाजपा के दिग्गज नेता संघर्ष करते नजर आए। प्रमुख विजेताओं में मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त पूर्ण चंद्र जमातिया, अध्यक्ष जगदीश देबबर्मा, चुनाव आयुक्त कमल कलोई, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सी.के. जमातिया और रबींद्र देबबर्मा ने जीत के साथ अपनी सीटें बरकरार रखीं।
भाजपा की ओर से पार्टी सचिव डेविड देबबर्मा, महासचिव बिपिन देबबर्मा और जनजातीय कल्याण मंत्री बिकाश देबबर्मा के करीबी रिश्तेदार बिलो जमातिया समेत वरिष्ठ नेताओं को हार का सामना करना पड़ा। भाजपा के वरिष्ठ नेता और एमडीसी पद्मा लोचन त्रिपुरा भी कथलिया-मिर्ज़ा-राजपुर निर्वाचन क्षेत्र से पराजित हुईं। 2021 में भाजपा ने 10 सीटें जीती थीं।
बाद में एक नेता टिपरा मोथा में शामिल हो गए, जिससे पार्टी की सीटों की संख्या घटकर नौ रह गई। हालांकि, गैर-आदिवासी सीटों पर भाजपा का प्रदर्शन तुलनात्मक रूप से बेहतर रहा। माचमारा निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा की मंजू रानी सरकार, सिलाचारी-मनुबांकुल सीट से खंगजाओंग मोग, दासदा-कंचनपुर से शैलेंद्र नाथ और चावमानु से एस्मेल जॉय त्रिपुरा विजयी हुए।
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) केवल 4 सीटें ही जीत पाई, जबकि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) जैसी प्रमुख राजनीतिक पार्टियां एक भी सीट जीतने में असफल रहीं, जिससे एडीसी में उनका पूर्ण राजनीतिक सफाया हो गया।
राज्य चुनाव आयोग द्वारा 17 अप्रैल, 2026 को जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, टिप्रा मोथा पार्टी के उम्मीदवारों ने लगभग सभी निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज की, जो पार्टी के पक्ष में जनजातीय वोटों के मजबूत एकीकरण को दर्शाता है। प्रमुख विजेताओं में सिमना-तमकारी से रवीन्द्र देबबर्मा, अमतली-गोलाघाटी से बुद्ध कुमार देबबर्मा, रामचन्द्रघाट से जेम्स देबबर्मा, डेमचरा-कचुचरा से धीरेन्द्र देबबर्मा, जिरानिया से जगदीश देबबर्मा, कथलिया-मिर्जा-राजापुर से डेविड मुरासिंग और हलाहाली-आशारम्बारी से प्रस्मित देबबर्मा जैसे नेता शामिल हैं।